2023 में होगी देश की पहली एक्जिट परीक्षा, एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के सभी छात्रों को देना होगा यह Exam

एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए पहली एक्जिट परीक्षा 2023 में होगी और इसका माक रन 2022 में होगा। विदेश से मेडिकल की पढ़ाई कर आने वाले छात्रों के लिए भारत में प्रैक्टिस करने की खातिर इस परीक्षा को पास करना होगा।

Krishna Bihari SinghFri, 30 Jul 2021 07:44 PM (IST)
एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए पहली एक्जिट परीक्षा 2023 में होगी।

नई दिल्ली, जेएनएन। एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए पहली एक्जिट परीक्षा 2023 में होगी और इसका माक रन 2022 में होगा। विदेश से मेडिकल की पढ़ाई कर आने वाले छात्रों के लिए भारत में प्रैक्टिस करने की खातिर इस परीक्षा को पास करना होगा। इसके साथ ही मेडिकल के पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में नामांकन इसी के आधार पर होगा। शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने नेशनल मेडिकल कमीशन के काम-काज की समीक्षा की और एक्जिट परीक्षा की तैयारियों का जायजा लिया।

सबको देना होगा नेशनल एक्जिट टेस्ट

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एक्जिट परीक्षा को नेशनल एक्जिट टेस्ट नाम दिया गया है। यह पूरे देश में सभी मेडिकल कालेजों के एमबीबीएस छात्रों को देना होगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद एमबीबीएस के छात्रों को पांच साल का कोर्स पूरा करने के बाद अंतिम परीक्षा नहीं देनी होगी और एक्जिट परीक्षा को ही उनकी अंतिम वर्ष की परीक्षा मान ली जाएगी।

समान गुणवत्ता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी

स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार सभी एमबीबीएस छात्रों के लिए एक एक्जिट परीक्षा की व्यवस्था से पूरे देश में डाक्टरों की समान गुणवत्ता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। वहीं पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में नामांकन का आधार इसे बना दिए जाने से इसके लिए अलग से परीक्षा कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

अलग से होने वाली परीक्षा हो जाएगी खत्म

इसी तरह से विदेश से एमबीबीएस करके आने वालों के लिए अलग से होने वाली परीक्षा भी खत्म हो जाएगी। यहां तक कि केंद्रीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए डाक्टरों का चयन भी इसी के आधार पर कर लिया जाएगा। अभी इन सबके लिए अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं।

पहले से हो रही तैयारी 

ध्यान देने की बात है कि राष्ट्रीय मेडिकल कमीशन के गठन के लिए संसद से पारित कानून में ही एक्जिट परीक्षा का प्रविधान कर दिया गया था। नेशनल मेडिकल कमीशन के गठन के बाद ही इसकी तैयारी शुरू हो गई थी। कमीशन के अधिकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री को एक्जिट परीक्षा की तैयारियों का ब्योरा पेश किया। मनसुख मांडविया ने उन्हें असली परीक्षा शुरू होने के पहले माक रन करने की सलाह दी, ताकि पहली बार परीक्षा में बैठने वाले छात्रों को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। 

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