प्रसिद्ध गुरुवायूर श्री कृष्ण मंदिर में इस वीकेंड होंगी 180 शादियां, केरल सरकार ने सख्त कोविड-19 प्रोटोकॉल के बीच दी अनुमति

गुरुवायूर श्री कृष्ण मंदिर में इस हफ्ते होंगी 180 शादियां, केरल सरकार ने सख्त कोविड-19 प्रोटोकॉल के बीच दी अनुमति

राज्य भर में कोविड मामलों में भारी उछाल के बाद रात में कर्फ्यू लगा दिया गया है रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक का कर्फ्यू है। वहीं शनिवार और रविवार को पूर्ण लॉकडाउन लगाया गया है।

Nitin AroraFri, 23 Apr 2021 03:55 PM (IST)

तिरुवनंतपुरम, आइएएनएस। देश में कोरोना के बढ़ते मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। हर दिन के साथ नए मामलों का रिकॉर्ड बनता जा रहा है। वहीं, केरल में भी कोरोना के केस लगातार काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बीच राज्य सरकार द्वारा बड़ा फैसला लिया गया है। बताया गया कि राज्य के अधिकारियों ने विभिन्न तिमाहियों के दबाव में आकर शनिवार और रविवार को त्रिशूर जिले के पास प्रसिद्ध गुरुवयूर श्री कृष्ण मंदिर में 180 शादियों को अनुमति देने का फैसला किया है। मालूम हो कि वीकेंड पर कोविड को काबू करने के लिए सख्ती बढ़ा दी जाती है। उस बीच कोविड -19 प्रोटोकॉल को दरकिनार करते हुए यह अनुमति दी गई है।

राज्य भर में कोविड मामलों में भारी उछाल के बाद, रात में कर्फ्यू लगा दिया गया है, रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक का कर्फ्यू है। वहीं, शनिवार और रविवार को पूर्ण लॉकडाउन लगाया गया है। त्रिशूर जिला प्रशासन द्वारा शुक्रवार को दी गई जानकारी के अनुसार, शनिवार को 40 शादियों की योजना बनाई गई और रविवार के लिए निर्धारित 140 विवाह होंगे लेकिन सभी निर्धारित कोविड प्रोटोकॉल के साथ किए जाएंगे। 

वहीं, कहा गया कि प्रत्येक शादी में केवल 12 लोगों को अनुमति दी जाएगी। बता दें कि देश में केरल उन राज्यों में आता है, जहां शुरुआत से ही भारी संख्या में मामले आ रहे हैं। 

यहां एक दिन पुराने आंकडों की बात करें तो केरल में 24 घंटे में कोरोना के 26,995 मामले सामने आए थे, जो एक दिन में संक्रमण का अभी तक का सबसे बड़ा आंकड़ा था। इससे केरल में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 1,56,266 हो गई थी। जबकि राज्य में कोरोना से अब तक 5000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद सीएम ने राज्य में पूर्ण लॉकडाउन लगाने से इनकार कर दिया है।

कोरोना महामारी के बीच केरल में त्रिशूर पूरम का त्योहार मनाया गया।

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.