DRDO ने किया नई पीढ़ी के आकाश समेत दो स्‍वदेशी मिसाइलों का सफल परीक्षण, बढ़ेगी वायुसेना की ताकत

आधिकारिक बयान के मुताबिक मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल को थर्मल साइट के साथ एकीकृत मैन पोर्टेबल लांचर से दागा गया और इसने एक टैंक की नकल कर रहे लक्ष्य को सफलतापूर्वक दागा। इसे मनुष्य द्वारा ढो सकने वाले ट्राइपाड से दागा गया।

Arun Kumar SinghWed, 21 Jul 2021 04:44 PM (IST)
DRDO ने आज स्वदेशी रूप से विकसित कम वजन एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (MPATGM) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया

नई दिल्ली, एएनआइ। आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देते हुए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने बुधवार को दो स्वदेशी मिसाइलों का सफल परीक्षण किया। इनमें से एक जमीन से हवा में मार करने वाली नई पीढ़ी की आकाश मिसाइल (आकाश-एनजी) और दूसरी कम वजन, फायर एंड फार्गेट मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (एमपी-एटीजीएम) है।

आकाश-एनजी और मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल मिलने से वायु सेना की बढ़ेगी ताकत

आधिकारिक बयान के मुताबिक मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल को थर्मल साइट के साथ एकीकृत मैन पोर्टेबल लांचर से दागा गया और इसने एक टैंक की नकल कर रहे लक्ष्य को सफलतापूर्वक दागा। इसे मनुष्य द्वारा ढो सकने वाले ट्राइपाड से दागा गया। डीआरडीओ ने बताया कि एमपी-एटीजीएम ने सीधे हमले मोड में लक्ष्य को भेदा और उसे सटीक तरीके से नष्ट कर दिया। इसके साथ ही परीक्षण ने न्यूनतम सीमा को सफलतापूर्वक सत्यापित किया।

अत्याधुनिक इंफ्रारेड इमेजिंग सीकर से लैस है मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल

मिशन के सभी उद्देश्यों को पूरा किया गया। इस मिसाइल का अधिकतम सीमा के लिए सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण किया जा चुका है। पूरी तरह से स्वदेशी रूप में विकसित इस मिसाइल में एक छोटा अत्याधुनिक इंफ्रारेड इमेजिंग सीकर भी लगाया गया है। इस परीक्षण के साथ ही तीसरी पीढ़ी की इस मिसाइल के विकास का काम लगभग पूरा हो गया है।

नई पीढ़ी की आकाश मिसाइल को डीआरडीओ की प्रयोगशाला के साथ मिलकर हैदराबाद स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (डीआरडीएल) द्वारा विकसित किया गया है। इसके परीक्षण के समय भारतीय वायु सेना के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। आकाश-एनजी मिसाइल को शामिल किए जाने के बाद भारतीय वायु सेना की ताकत और बढ़ जाएगी।

इस मिसाइल का निर्माण भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड (बीईएल) और भारत डायनैमिक्स लिमिटेड (बीडीएल) द्वारा किया गया है। परीक्षण के दौरान इन दोनों के प्रतिनिधि भी मौजूद है। रक्षा मंत्री ने दी बधाई रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मिसाइल के सफल परीक्षण पर डीआरडीओ, बीडीएल, बीईएल, भारतीय वायु सेना और इससे जुड़े उद्योग को बधाई दी है। डीआरडीओ के चेयरमैन डा. जी. सतीश रेड्डी ने भी सफल परीक्षण के लिए टीम को बधाई दी है।

 

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