WEP: कुपोषण और बीमारियों के बीच सीधा संबंध, बच्चों को जानलेवा बीमारियां से बचाने के लिए भोजन में निवेश करना आवश्यक

WEP संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम के भारत में निदेशक बिशोव पाराजुली ने सुझाव दिया है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौर में पौष्टिक सुरक्षित और वहन करने योग्य भोजन में निवेश करके महिलाओं और बच्चों के पोषण को सुरक्षित किया जा सकता है।

Bhupendra SinghSun, 13 Jun 2021 09:05 PM (IST)
भारत में पांच साल से कम उम्र के बच्चे कुपोषण के शिकार।

नई दिल्ली, प्रेट्र। कुपोषण और बीमारियों के बीच सीधे संबंध को रेखांकित करते हुए संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम के भारत में निदेशक बिशोव पाराजुली ने सुझाव दिया है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौर में पौष्टिक, सुरक्षित और वहन करने योग्य भोजन में निवेश करके महिलाओं और बच्चों के पोषण को सुरक्षित किया जा सकता है। इसतरह इसे बच्चों के पोषण के अधिकार से जोड़ा जा सकता है।

भारत में एक बड़ी आबादी कुपोषण की समस्या से जूझ रही

भारत में एक बड़ी आबादी कुपोषण की समस्या से जूझ रही है। खासकर वर्ष 2015-16 के राष्ट्रीय परिवार कल्याण के सर्वे (एनएफएचएस)-4 के मुताबिक पांच साल से कम उम्र के 35.7 फीसद बच्चों का वजन काफी कम है। इसमें 38.4 फीसद बच्चे अविकसित रहने के कारण नाटे और 21 फीसद कमजोर हैं।

पाराजुली ने कहा- 22 राज्यों में कुपोषण में बढ़ोतरी

निदेशक बिशोव पाराजुली ने बताया कि 22 राज्यों में एनएफएचएस-5 के सर्वे में कुपोषण में थोड़ी और बढ़ोतरी देखी गई है।

पाराजुली ने कहा- कुपोषण के साथ मलेरिया, डायरिया बच्चों के लिए हो सकती हैं जानलेवा साबित

संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम के भारत में निदेशक बिशोव पाराजुली ने कहा कि कुपोषण के साथ एआरआइ, मलेरिया, मीजिल्स, डायरिया जैसी बीमारियां बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं।

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