देश के कई हिस्सों में डेंगू और बुखार का प्रकोप, उत्तर प्रदेश में हर दिन आ रहे हैं अधिक मामले

देश अब कोरोना के साथ साथ डेंगू व अन्य घातक बुखारों से जूझ रहा है। इस क्रम में सबसे अधिक मामले उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में हैं। फीरोजाबाद में तो डेंगू चरम पर है। इसके अलावा मैनपुरी एटा व आगरा में भी डेंगू के मामले हैं।

Monika MinalFri, 17 Sep 2021 06:47 AM (IST)
देश के कई हिस्सों में डेंगू और बुखार का प्रकोप, उत्तर प्रदेश में हर दिन आ रहे हैं अधिक मामले

नई दिल्ली, एजेंसी। देश में अभी कोरोना महामारी से जारी संघर्ष के बीच डेंगू के साथ अन्य वायरल फीवर भी जोरों पर है।  उत्तर प्रदेश के मथुरा में डेंगू के मामले बढ़ते जा रहे हैं और फीरोजाबाद में गुरुवार को इसके कारण 12 मौतें दर्ज की गई हैं। हरियाणा में भी डेंगू के मामले सामने आए हैं। 

मेरठ में चेतावनी- मच्छर का लार्वा मिलने पर होगा जुर्माना, दर्ज हो सकता है मामला

CMO डाक्टर अखिलेश मोहन ने गुरुवार को बताया, 'मेरठ में 142 डेंगू के मामले दर्ज किए गए हैं जिसमें से 83 सक्रिय मामले हैं। किसी के घर में मच्छर का लार्वा पहली बार मिलने पर हम नोटिस देंगे और दुबार पाए जाने पर जुर्माना लगाएंगे और तीसरी बार भी ऐसा होता है तो एफआइआर दर्ज की जाएगी।

हरियाणा का हाल

हरियाणा की CMO रचना गुप्ता ने गुरुवार को बताया, 'जो पॉजिटिव मरीज मिले हैं उनमें एक भी मरीज के मृत्यु की सूचना नहीं है। बुखार के कारण अभी तक 15 मरीजों की मौत हो गई। वहीं डेंगू के 298 मरीज हैं जिनमें से 250 स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं।' हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग ने पलवल जिले में सात बच्चों की मौत पर बुधवार को एक सर्वेक्षण के हवाले से कहा कि मौतों का कारण संदिग्ध बुखार नहीं, बल्कि अस्वच्छ स्थितियां हो सकती हैं।

फीरोजाबाद में डेंगू का प्रकोप थामने को सरकारी तंत्र सक्रिय

उत्तर प्रदेश में डेंगू के कारण सबसे खराब हाल फीरोजाबाद का है। यहां हालात भयावह होते जा रहे हैं। गुरुवार को 24 घंटे के दौरान 10 बच्चों और किशोरों सहित 12 लोगों की मौत हो गई। इनमें से एक बालक ने तो अस्पताल के रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वहीं ब्रज में 24 घंटे में 19 रोगियों की मृत्यु हुई है। इन्हें मिलाकर मरने वालों की कुल संख्या 272 हो गई है। उधर, मैनपुरी में तीन, एटा में दो और मथुरा व कासगंज में एक-एक मरीज की मौत हो गई। इन जिलों में कई मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। आगरा में पहली बार दो रोगियों की बुखार की वजह से मृत्यु हुई है।

संचारी रोग निदेशक डा.जीएस वाजपेयी के नेतृत्व में लखनऊ, मेरठ, गाजियाबाद, बरेली के विशेषज्ञों की टीम गुरुवार से ही फीरोजाबाद में डेरा डाल चुकी है। टीम ने गुरुवार को विभिन्न क्षेत्रों में जाकर बीमार और बीमारी के बारे में जानकारी ली।  आगरा के एसएन अस्पताल और निजी अस्पतालों में आसपास के जिलों के सैकड़ों मरीज भर्ती हैं।

अकड़ रहा बच्चों का शरीर

आगरा के एसएन मेडिकल कालेज में बाल रोग विभाग के डा. नीरज यादव के अनुसार डेंगू के डी-2 स्ट्रेन में तेज बुखार आने के साथ ही शरीर में पानी की कमी हो रही है, खून गाढ़ा हो रहा है। इससे बच्चों का शरीर अकड़ रहा है। बेहोशी की हालत में बच्चों को भर्ती कराया जा रहा है।

मादा एडीज एजिप्टी के पनपने के लिए नवंबर तक अनुकूल वातावरण

डेंगू बीमारी फैलाने वाले मादा एडीज एजिप्टी मच्छरों का कुनबा बढ़ रहा है। यह मौसम उसके पनपने के लिए अनुकूल है। काटने से पहले एडीज एजिप्टी मच्छर उस हिस्से पर सलाइवा (लार) छोड़ती है। जिससे हिस्सा सुन्न हो जाता है, इसके बाद काटती है। मच्छरों को लेकर कई अध्ययन करने वाले आगरा के सेंट जोंस कालेज में कीट विज्ञान विभाग के डा. गिरीश माहेश्वरी ने बताया कि समय के साथ मच्छरों ने खुद को बचाने के लिए कई बदलाव किए हैं। पिछले कुछ सालों में एडीज एजिप्टी मच्छरों की तादाद बढ़ी है। यह मच्छर 20 से 40 डिग्री सेल्सियस तापमान पर स्वच्छ पानी में पनपता है।

एक कप पानी में एडीज एजिप्टी का लार्वा वयस्क हो जाता है। डेंगू भी एडीज एजिप्टी से फैलता है। गर्भावस्था में मादा को प्रोटीन की जरूरत होती है, यह उसे इंसानों के खून से मिलती है। ऐसे में  मादा एडीज एजिप्टी ही लोगों को काटती है, नर नहीं काटता है। यह दिन में काटती है और 50 से 60 मीटर तक ही उड़ पाती है। ऐसे फैलता है संक्रमण मादा एडीज एजिप्टी किसी डेंगू संक्रमित मरीज को काटती है तो डेंगू का वायरस उसके शरीर में पहुंच जाता है, यह वायरस मल्टीप्लाई करता है। जब यह किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटती है तो लार के माध्यम से वायरस व्यक्ति के शरीर में पहुंच जाता है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.