वायु प्रदूषण: यूपी सरकार की दलील पर CJI ने कहा- तो आप पाकिस्तान में बंद कराना चाहते हैं उद्योग

केंद्र सरकार ने दिल्ली में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया है। इस संबंध में सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर दिया गया है। वहीं दिल्ली सरकार ने भी हलफनामा दाखिल कर दिया है।

Sanjeev TiwariFri, 03 Dec 2021 10:50 AM (IST)
दिल्ली में वायु प्रदूषण के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई (फाइल फोटो)

नई दिल्ली, एजेंसी। वायु प्रदूषण के मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। यूपी सरकार ने आज सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उद्योगों के बंद होने से राज्य में गन्ना और दूध उद्योग प्रभावित हो सकते हैं। सरकार ने कहा कि हवा के दबाव को देखें तो यूपी नीचे है। यहां हवा ज्यादातर पाकिस्तान से आ रही है। यूपी सरकार की इस दलील पर मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने चुटकी लेते हुए कहा तो आप पाकिस्तान में उद्योगों पर प्रतिबंध लगाना चाहते हैं। वहीं, प्रदूषण मामले में केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पांच सदस्यों की इंफोर्समेंट टास्क फोर्स गठित की गई है।

दिल्ली में अस्पतालों का निर्माण कार्य जारी रहेगा

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर सुनवाई को दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को अस्पतालों की निर्माण गतिविधियों को जारी रखने की अनुमति दे दी है। मामले की सुनवाई अगली तारीख 10 दिसंबर को होगी। इससे पहले दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर राष्ट्रीय राजधानी में अस्पतालों की निर्माण गतिविधियों की अनुमति देने का आग्रह किया था। दिल्ली सरकार का कहना था कि कोविड-19 की तीसरी लहर के लिए तैयारी करने और उसका मुकाबला करने के लिए अस्पतालों के बुनियादी ढांचे में सुधार का काम शुरू कर दिया गया था और 7 नए अस्पतालों का निर्माण शुरू किया गया था, लेकिन निर्माण प्रतिबंध के कारण काम बंद हो गया है।

10 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई

चीफ जस्टिस ने कहा कि हमने केंद्र और एनसीटी के हलफनामे का अध्यय किया है। हमने प्रस्तावित निर्देशों को ध्यान में रखा है। हम दिल्ली और केंद्र को 2 दिसंबर के आदेशों को लागू करने का निर्देश देते हैं। हम मामले को लंबित रखते हैं और अगले शुक्रवार यानी कि 10 दिसंबर को इस पर सुनवाई करेंगे।

प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने टास्क फोर्स का किया गठन

दिल्ली-एनसीआर में जारी वायु प्रदूषण को लेकर केंद्र सरकार ने टास्क फोर्स का गठन किया है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर इसकी जानकारी दी है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि सरकार की तरफ से प्रदूषण से निपटने के लिए इंफोर्समेंट टास्क फोर्स और फ्लांइग स्क्वाड का गठन किया गया है। ये टास्क फोर्स पांच सदस्यों वाली है और इन्हें विधायी शक्तियां भी दी गई हैं। टास्क फोर्स के पास सजा देने और प्रिवेंटिव विधायी शक्तियां भी हैं।

बता दें कि केंद्र ने इंफोर्समेंट टास्क फोर्स और फ्लाईंग स्कवाड का गठन कर दिया है। टास्क फोर्स में 5 सदस्य होंगे, जिनके पास विधायी शक्तियां हैं। इसके अलावा समूह को सजा देने की शक्तियां भी दी गई हैं। केंद्र सरकार ने कहा कि अगले 24 घंटे में फ्लाइंग स्क्वाड की संख्या बढ़ा पर 40 कर दी जाएगी। इंफोर्समेंट टास्क फोर्स की अध्यक्षता एमएम कुट्टी करेंगे और CPCB के चेयरमैन तन्मय कुमार इसके सदस्य होंगे।

बता दें कि गुरुवार को ही कोर्ट ने केंद्र से कहा था कि 24 घंटों के भीतर कोई ठोस कदम उठाएं नहीं तो हमारी तरफ से निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट की तरफ से भी टास्क फोर्स के गठन की बात कही जा चुकी थी।

दिल्ली में स्कूल बंद

सुप्रीम कोर्ट की तरफ से फटकार लगाए जाने के बाद दिल्ली सरकार ने शुक्रवार से स्कूल बंद करने का फैसला किया। हालांकि, इस दौरान बोर्ड की परीक्षाएं और ऑनलाइन क्लासेज जारी रहेंगी। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि हमने वायु गुणवत्ता में सुधार का पूर्वानुमान जताए जाने के कारण स्कूल फिर से खोल दिए थे, लेकिन वायु प्रदूषण फिर से बढ़ गया है और हमने आगामी आदेश आने तक शुक्रवार से स्कूल बंद करने का फैसला किया है।

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