Cyber Crime: वाट्सएप के पुराने वर्जन में खामी पर साइबर सिक्योरिटी एजेंसी ने चेताया, जानें क्‍या कहा ...

वाट्सएप के पुराने वर्जन में खामी पर साइबर सिक्योरिटी एजेंसी ने चेताया। फाइल फोटो।

अगर आप वाट्सएप के यूजर्स हैं तो यह खबर आपके लिए उपयोगी हो सकती है। साइबर सुरक्षा एजेंसी ने वाट्सएप के पुराने वर्जन में खामी को लेकर यूजर्स को चेताया है। एजेंसी का कहना है कि इस खामी का फायदा उठाकर हैकर्स किसी के मोबाइल में सेंध लगा सकते हैं।

Ramesh MishraSat, 17 Apr 2021 07:30 PM (IST)

नई दिल्ली, एजेंसी। अगर आप वाट्सएप के यूजर्स हैं, तो यह खबर आपके लिए उपयोगी हो सकती है। देश की साइबर सुरक्षा एजेंसी सीईआरटी-इन ने वाट्सएप के पुराने वर्जन में खामी को लेकर यूजर्स को चेताया है। एजेंसी का कहना है कि इस खामी का फायदा उठाकर हैकर्स किसी के मोबाइल में सेंध लगा सकते हैं और अहम जानकारियां चुरा सकते हैं।सीईआरटी-इन की टीम ने कहा कि एंड्रॉयड के लिए वाट्सएप एवं वाट्सएप बिजनेस के वी2.21.4.18 और आइओएस के लिए वी2.21.32 से पहले के वर्जन में गंभीर खामी का पता लगा है। एजेंसी की एडवाइजरी में कहा गया कि वाट्सएप में ऐसी खामियां पाई गई हैं, जो हैकर्स के लिए बहुत मददगार हो सकती हैं। इनसे बचने के लिए यूजर्स को एप अपडेट कर लेना चाहिए।

खतरे से बचने के बताए उपाय

सीईआरटी-इंडिया ने केवल खतरों को लेकर ही आगाह नहीं किया है, बल्कि उसने इससे बचने का उपाय भी बताया है। खतरे को विस्‍तार से बताते हुए सीईआरटी-इंडिया ने कहा है कि व्हाट्सऐप में ये कमजोरियां कैशे कंफिग्रेशन के मुद्दे और ऑडियो डिकोड करने के रास्ते में जांच की कमी के कारण उत्‍पन्‍न होती है। एजेंसी ने अपने परामर्श में कहा है कि उपयोक्ता गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) से या आईओएस स्टोर (iOS) से अपने व्हाट्सऐप (WhatsaApp) को तत्‍काल अपडेट करें,  ताकि इन कमजोरियों को दूर किया जा सके और किसी भी खतरे से बचा जा सके।

क्‍या है सीईआरटी-इंडिया (CERT-In)

दरअसल, सीईआरटी-इंडिया (CERT-In) देश में साइबर हमलों के खिलाफ सुरक्षा और भारत के साइबर स्पेस की रक्षा की जिम्मेदारी उठाने वाली तकनीकी शाखा है। यह अलर्ट इस एजेंसी ने जारी किया है। इस एजेंसी ने अपने परामर्श में कहा है कि व्हाट्सऐप एप्लिकेशंस में कई कमजोरियां सामने आई हैं। इसके कारण दूर बैठा हैकर अपनी मर्जी का कोड लिखकर उसका उपयोग कर सकता है और किसी भी सिस्टम/कंप्यूटर में मौजूद संवेदनशील डेटा हासिल कर सकता है।

 

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.