COVID-19 Vaccine Update: टीकाकरण की धीमी हुई रफ्तार, कैसे होगा कोरोना पर प्रहार

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जरूरी है कि टीकाकरण की गति तेज की जाए

देश के ज्यादातर जिलों में टीकाकरण अभियान धीमा पड़ता दिख रहा है। कम से कम आंकड़े तो यही बताते हैं। 58 फीसद जिलों में 10 प्रतिशत से भी कम टीकाकरण हुआ है जबकि 37 फीसद जिलों में 10-20 प्रतिशत के बीच।

Sanjay PokhriyalThu, 06 May 2021 12:10 PM (IST)

नई दिल्‍ली, जेएनएन। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जरूरी है कि टीकाकरण की गति तेज की जाए, लेकिन अभियान की शुरुआत के तीन महीने बाद भी उसकी रफ्तार संतोषजनक नहीं कही जा सकती है। आंकड़े बताते हैं कि देश के 726 जिलों में से महज 37 ही ऐसे हैं, जिनमें 20 फीसद से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की पहली खुराक दी जा सकी है।

बीजापुर व दक्षिण सालमारा फिसड्डी: देश के ज्यादातर जिलों में टीकाकरण अभियान धीमा पड़ता दिख रहा है। कम से कम आंकड़े तो यही बताते हैं। 58 फीसद जिलों में 10 प्रतिशत से भी कम टीकाकरण हुआ है, जबकि 37 फीसद जिलों में 10-20 प्रतिशत के बीच। बीजापुर (कर्नाटक ) व दक्षिण सालमारा (असम) सबसे फिसड्डी जिले हैं।

उत्तर प्रदेश व बिहार में रफ्तार की दरकार: आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, तमिलनाडु व पूर्वोत्तर राज्यों के कई जिलों में 10 फीसद से भी कम आबादी का टीकाकरण हो पाया है। राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश व केरल के ज्यादातर जिलों में 10 फीसद से अधिक आबादी का टीकाकरण हो चुका है।

माहे व जामनगर का प्रदर्शन बेहतर: को-विन एप के आंकड़े बताते हैं कि टीकाकरण के मामले में देश के दो जिलों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। इनमें पुडुचेरी का माहे व गुजरात का जामनगर शामिल हैं। इन दोनों जिलों में करीब एक तिहाई आबादी को कोरोना वैक्सीन की कम से कम पहली खुराक मिल चुकी है। एक बड़े हिस्से को दोनों खुराक मिल चुकी है।

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