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नन से दुष्कर्म मामले में बिशप फ्रैंको मुलक्कल की जमानत रद, गैर जमानती वारंट जारी

कोट्टयम, पीटीआइ। स्थानीय अदालत ने केरल में एक नन से दुष्कर्म के आरोपित बिशप फ्रेंको मुलक्कल को दी गई जमानत रद कर दी। मामले की चल रही सुनवाई के दौरान पेश नहीं होने पर कोर्ट ने बिशप के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया है। सुनवाई के दौरान बिशप अतिरिक्त सत्र कोर्ट में मौजूद नहीं था। मुलक्कल के वकील ने कोर्ट को सूचित किया कि उनका मुवक्किल इसलिए हाजिर नहीं हो सका, क्योंकि वह कोविड-19 संक्रमित एक व्यक्ति के साथ संपर्क के कारण सेल्फ क्वारंटाइन में है।

एक जुलाई को पिछली सुनवाई के दौरान भी वह (Franco Mullakal) कोर्ट में पेश नहीं हुआ था। उसके वकील ने तब कहा था कि वह पंजाब के जालंधर में कोविड-19 कंटोनमेंट जोन में फंसे होने के कारण नहीं आ पाया है। अभियोजन पक्ष ने सोमवार को आरोपित के दावे को खारिज करते हुए कहा कि जालंधर में जिस जगह वह रहता है, एक जुलाई को वह कंटेनमेंट जोन नहीं था।

कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की इस दलील पर विचार करते हुए बिशप की जमानत खारिज कर दी कि वह सुनवाई में देरी कराने की कोशिश कर रहा है। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 13 अगस्त की तारीख तय कर दी। केरल हाई कोर्ट ने नन के मुलक्कल के खिलाफ दाखिल यौन उत्पीड़न के मामले से उसे आरोपमुक्त करने की उसकी याचिका सात जुलाई को खारिज कर दी थी। हाई कोर्ट ने बिशप को दुष्कर्म मामले की सुनवाई में हाजिर होने के लिए कहा है।

बीते मार्च महीने में केरल की अदालत ने नन से दुष्कर्म के आरोपित बिशप फ्रैंको मुलक्कल की आरोप मुक्त करने संबंधी याचिका को खारिज करते हुए उस पर मुकदमा चलना तय कर दिया था। मालूम हो कि जून 2018 में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में पीड़‍िता नन ने कहा था कि बिशप मुलक्कल ने उसका वर्ष 2014-16 के बीच यौन शोषण किया। मामले की जांच कर रही एसआइटी ने मुलक्कल को 21 सितंबर 2018 को गिरफ्तार किया था। हालांकि 16 अक्टूबर 2018 को मुलक्कल को जमानत मिल गई थी। केरल पुलिस ने मुलक्कल के खिलाफ 1,400 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है।  

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