लद्दाख से सैनिक हटाने का झांसा देते हुए डोकलाम में तैनाती बढ़ा रहा चीन, बंकर बनाने और हथियारों की तैनाती के सुबूत

चीन अब डोकलाम के नजदीक अपनी सैन्य मौजदूगी बढ़ा रहा है।

चीन एक तरफ दुनिया के सामने बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की हिमायत कर रहा है वहीं दूसरी तरफ वह डोकलाम के नजदीक अपनी सैन्य मौजदूगी बढ़ा रहा है। चिकेन नेक यानी पूर्वोत्तर को जोड़ने वाले संकरे भारतीय गलियारे के करीब वह चीनी गांव में सैन्‍य गतिविधियां बढ़ा रहा है...

Publish Date:Tue, 24 Nov 2020 12:14 AM (IST) Author: Krishna Bihari Singh

नई दिल्ली, आइएएनएस। चीन एक तरफ तो भारत के साथ वार्ता कर पूर्वी लद्दाख से सेना पीछे हटाने का आश्वासन दे रहा है, दूसरी तरफ वह डोकलाम के नजदीक अपनी सैन्य मौजदूगी मजबूत कर रहा है। पूर्वोत्तर को जोड़ने वाले संकरे भारतीय गलियारे (चिकेन नेक) के करीब स्थित चीनी गांव में सैन्य बंकर बनाने और उसमें हथियार एकत्रित करने की जानकारी सामने आई है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) वहां पर सैन्य आधारभूत ढांचा मजबूत करने का भी काम कर रही है।

भारतीय सेना को मिली खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक चीन की पीएलए इलाके में तेजी से नए बंकर बना रही है और उनमें हथियारों की तैनाती कर रही है। डोकलाम वही इलाका है जहां 2017 में 72 दिनों तक भारत और चीन की सेनाएं आमने-सामने डटी रही थीं। चीन इलाके से लगने वाली भूटान की सीमा को घेरते हुए वहां पर सड़क बनाने की कोशिश कर रहा था जिससे उत्तर-पूर्वी राज्यों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता था।

चीनी सेना इस समय जहां पर सैन्य मौजूदगी बढ़ा रही है वह इलाका सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के नजदीक है। चीन सीमा में डोमोसोंगरोंग और बुमद्रो गांव और इसके आसपास ऐसे नए निर्माण देखे गए हैं। चीन की सीमा के नजदीक कुछ ऐसे गांव हैं जिनमें अब लोग नहीं रहते। उन्हें भी सैन्य उपयोग में लेने के लिए पीएलए उनके भीतर नए निर्माण कर रही है।

इतना ही नहीं इलाके में पीएलए की गश्त भी बढ़ी है। मेरा ला, थाग ला और यांग्त्से ऐसे इलाके हैं जहां पर चीनी सेना ने हाल के दिनों में गश्त शुरू की है। वह इलाके में अपनी गतिविधि बढ़ा रही है। चीनी सैनिक इलाके के जानकार बन रहे हैं। सीमावर्ती चीनी गांव तीरकांग में दो मोबाइल कम्युनिकेशन टावर भी लगाए गए हैं। इनसे इलाके में मोबाइल सेवा भी शुरू हो गई है। कुछ सड़कों के निर्माण की भी जानकारी सामने आई है।

उल्‍लेखनीय है कि हाल ही में संपन्‍न हुए 15वें जी-20 शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बातचीत के जरिये विवाद सुलझाए की बात कही थी। उन्‍होंने कहा था विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। दरअसल चीन एक ओर बातचीत का दिखावा कर रहा है तो वहीं दूसरी ओर सीमा पर अपनी सेना को भी लगा रखा है। जाहिर है चीन वैश्विक मंच पर अपना उदारवादी चेहरा दिखाने की कोशिश में है जबकि उसकी मंशा कुछ और है... 

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