Sawan 2021: परिवार सहित महाकाल मंदिर आए मुख्यमंत्री, प्रदेश में खुशहाली के लिए 66 ब्राह्मणों ने किया महारुद्राभिषेक

महाकाल मंदिर की परंपरा में गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित होने पर पुरुषों को सोला (धोती) तथा महिलाओं को साड़ी पहनकर जाना अनिवार्य है। बीते वर्ष उमा भारती साध्वी की वेषभूषा में गर्भगृह में प्रवेश कर गई थी। पुजारी ने उन्हें साड़ी पहनकर आने को कहा था।

Bhupendra SinghTue, 27 Jul 2021 02:32 AM (IST)
महाकाल मंदिर के नंदी हाल में 66 ब्राह्मणों ने कराया पूजन

उज्जैन, राज्य ब्यूरो। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास के पहले सोमवार पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश व प्रदेश में उत्तम वृष्टि तथा खुशहाली के लिए सपरिवार भगवान महाकाल का महारुद्राभिषेक किया। मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी साधना सिंह ने नंदीजी के कान में मन की मुराद भी मांगी।

महाकाल मंदिर के नंदी हाल में 66 ब्राह्मणों ने कराया पूजन

मंदिर के नंदी हाल में शासकीय पुजारी पं. घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में हुए महारुद्र अनुष्ठान में 66 पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मुख्यमंत्री को पूजन कराया। पत्नी साधना सिंह व पुत्र कार्तिकेय और कुणाल के साथ चौहान ने पवित्र नदियों के जल से भगवान का अभिषेक कर पूजा-अर्चना की। पश्चात गर्भगृह के बाहर से भगवान महाकाल की आरती कर पर्याप्त वषर्षा व समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. मोहन यादव भी मौजूद थे।

दिवंगत पुजारी की बेटी को 11 लाख का चैक सौंपा

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाकाल दर्शन के उपरांत कोरोना काल में दिवंगत हुए मंदिर के पुजारी पं. महेश उस्ताद की बेटी सृष्टि शर्मा को 11 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक भेंट किया।

पुजारी को देख उमा भारती बोलीं, भैया साड़ी पहनकर आई हूं, भगवान महाकाल के किए दर्शन 

ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास के पहले सोमवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री व साध्वी उमा भारती मंदिर की परंपरा अनुसार साड़ी पहनकर भगवान महाकाल के दर्शन करने पहुंची। दर्शन के उपरांत लौटते समय कोटितीर्थ कुंड के समीप उनकी महाकाल मंदिर के पं. महेश पुजारी से भेंट हो गई, उन्हें देखते ही उमा बोली- देखो भैया मैं साड़ी पहनकर दर्शन करने आई हूं। इस पर पं. महेश पुजारी ने उनका सत्कार किया और अगले सोमवार नई साड़ी भेंट करने का वादा किया।

गर्भगृह में पुरुषों को धोती तथा महिलाओं को साड़ी पहनकर जाना अनिवार्य

दरअसल, महाकाल मंदिर की परंपरा में गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित होने पर पुरुषों को सोला (धोती) तथा महिलाओं को साड़ी पहनकर जाना अनिवार्य है। बीते वर्ष उमा भारती साध्वी की वेषभूषा में गर्भगृह में प्रवेश कर गई थी। इस पर पं. महेश पुजारी ने उन्हें साड़ी पहनकर आने को कहा और अपनी ओर से साड़ी भी भेंट की थी। इसके बाद साध्वी जब भी महाकाल दर्शन करने आई साड़ी पहनकर मंदिर पहुंची।

महाकाल मंदिर में दर्शन व्यवस्था बेपटरी हो गई 

ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में सोमवार को दर्शन व्यवस्था बेपटरी हो गई। देशभर से आए हजारों श्रद्धालु सुरक्षा घेरा तोड़कर गेट नं. चार से मंदिर में प्रवेश कर गए। भीड़ एक साथ भीतर प्रवेश करने से भगदड़़ की स्थिति निर्मित हुई और कई श्रद्धालु गिर पड़े। गेट पर तैनात गार्ड व सुरक्षाकर्मी भी जनदबाव को संभाल नहीं पाए। सोमवार को भगवान महाकाल की सवारी के कारण मंदिर समिति व प्रशासन ने ऐन वक्त पर सुबह 6 से 11 बजे तक दर्शन कराने का निर्णय लिया था। ऐसे में बड़ी संख्या में भक्त भगवान महाकाल के दर्शन के लिए सुबह पांच बजे से ही मंदिर पहुंचने लगे थे। सुबह छह बजे तक प्रवेश के लिए निर्धारित चार नंबर गेट पर सैकड़ों श्रद्धालु जमा हो गए थे। सुबह छह बजे कर्मचारियों ने जैसे ही प्रवेश द्वार खोला, सैकड़ों लोगों की भीड़ एक साथ मंदिर में प्रवेश कर गई। जन दबाव से गेट पर भीड़ नियंत्रण के लिए लगाए गए बेरिकेड्स भी गिर गाए। सुरक्षाकर्मी लोगों को संभाल पाते इससे पहले ही धक्का-मुक्की के चलते श्रद्धालु भी गिर गए। बाद में भीड़ कम होने पर स्थिति संभली।

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