केंद्र ने राज्यों से आक्सीजन की कमी से हुईं मौतों का ब्योरा मांगा, सूचना को संसद के मानसून सत्र में रखेगी सरकार

केंद्र ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान आक्सीजन की कमी से हुईं मौतों का विवरण मांगा है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी और कहा कि संबंधित सूचना मानसून सत्र के समाप्त होने से पहले संसद में रखी जाएगी।

Bhupendra SinghWed, 28 Jul 2021 12:20 AM (IST)
सरकार ने कहा था, राज्यों ने आक्सीजन की कमी से किसी की मौत की सूचना नहीं दी

नई दिल्ली, प्रेट्र। केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान आक्सीजन की कमी से हुईं मौतों का विवरण मांगा है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी और कहा कि संबंधित सूचना मानसून सत्र के समाप्त होने से पहले संसद में रखी जाएगी।

सरकार ने कहा था- राज्यों ने आक्सीजन की कमी से किसी की मौत की सूचना नहीं दी

पिछले सप्ताह, विपक्षी दलों ने सरकार पर तब निशाना साधा था जब उसने संसद को बताया था कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान आक्सीजन की कमी से किसी मौत की जानकारी नहीं दी है।

केंद्र सरकार ने राज्यों से आक्सीजन की कमी से हुईं मौतों का ब्योरा मांगा

सूत्रों ने कहा, 'केंद्र ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान आक्सीजन की कमी से हुईं मौतों का विवरण मांगा है। सूचना जुटाकर इसे मानसून सत्र के समाप्त होने से पहले संसद में रखा जाएगा।'

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने राज्यसभा में कहा था- स्वास्थ्य राज्य का मामला है

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री भारती प्रवीण पवार ने 20 जुलाई को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में कहा था कि स्वास्थ्य राज्य का मामला है।

आक्सीजन की कमी से हुई मौतों की जानकारी देने के लिए राज्यों को दिशानिर्देश जारी

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को मौतों की जानकारी देने के संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। उसी के मुताबिक सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की तरफ से नियमित रूप से मौतों की जानकारी दी जाती है। परंतु, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की तरफ से खासतौर पर आक्सीजन की कमी से किसी की मौत होने की जानकारी नहीं दी गई है।

दूसरी लहर में आक्सीजन की मांग एक दिन में नौ हजार टन पर पहुंच गई थी

हालांकि, पवार ने सदन को बताया था कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान आक्सीजन की मांग अचानक बढ़ गई थी। इस दौरान एक दिन ऐसा भी आया जब आक्सीजन की मांग नौ हजार टन पर पहुंच गई थी। जबकि, पहली लहर के दौरान एक दिन में सबसे ज्यादा 3,095 टन आक्सीजन की मांग हुई थी।

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