सीडीएस बिप‍िन रावत के दो टूक बयान, जिससे थर्राते थे चीन और पाक‍िस्‍तान; जानें कब क्‍या कहा

CDS General Bipin Rawat News पिछले दिनों सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने कहा कि पाकिस्तान भारत का नंबर वन दुश्मन नहीं बल्कि चीन है। भारत को आने वाले समय में दो मोर्चों पर दुश्मनों का सामना करना पड़ सकता है।

Arun Kumar SinghWed, 08 Dec 2021 05:20 PM (IST)
देश के चीफ आफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत

 नई दिल्‍ली, आनलाइन डेस्‍क। तमिलनाडु के कुन्नूर में बुधवार सुबह को भारतीय सेना का MI17V5 हेलिकाप्‍टर दुर्घटना का श‍िकार हो गया। हेलिकाप्‍टर में देश के चीफ आफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत और उनकी पत्नी समेत 14 सेना के अधिकारी मौजूद थे। चीफ आफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत सेना के तेज तर्रार अफसरों में से एक माने जाने थे। उनके बयानों से चीन और पाकिस्‍तान खौफ खाते थे। आइये जानें कब- कब दिए बयान

चीन को लेकर बड़ा बयान

पिछले दिनों सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने कहा कि पाकिस्तान भारत का नंबर वन दुश्मन नहीं बल्कि चीन है। बिपिन रावत ने एक कार्यक्रम में कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत का प्राथमिक फोकस डी एस्केलेशन से पहले विघटन है क्योंकि चीन हमारा नंबर एक दुश्मन है, न कि पाकिस्तान। रावत ने कहा कि भारत को आने वाले समय में दो मोर्चों पर दुश्मनों का सामना करना पड़ सकता है। विश्व शक्ति बनने की चीन की चाह ने दक्षिण एशिया में स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। जनरल रावत ने कहा कि एक उभरती हुई विश्व शक्ति के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए चीन दक्षिण एशिया और हिंद महासागर में अपनी व्यापक पैठ बना रहा है। म्यांमार और बांग्लादेश में चीन की घुसपैठ भारत के राष्ट्रीय हितों के लिए ठीक नहीं है, क्योंकि यह भारत को घेरने का प्रयास है। इससे दक्षिण एशिया में स्थिरता के लिए खतरा पैदा हो गया है।

चीन पर किया सीधा हमला

सीडीएस जनरल बिप‍िन रावत ने कुछ ही दिन पहले बयान दिया था कि गुलाम कश्मीर में हिंसा को सुविधाजनक बनाने के लिए चीन पाक को सैन्य उपकरण दे रहा है। पाकिस्तान को चीन का निरंतर समर्थन एक स्पष्ट भारत विरोधी रुख है। सीडीएस म्यांमार में चीन का बार-बार निवेश देश में भारत के प्रभाव को कम करने का एक प्रयास है, जो पूर्वोत्तर राज्यों के लिए खतरा है क्योंकि उनका देश के साथ मजबूत संबंध हैं। सीडीएस जनरल रावत ने कहा कि चीन, भारत, जापान, तुर्की और इंडोनेशिया 2030 तक दुनिया की शीर्ष दस अर्थव्यवस्थाओं की सूची में शामिल होंगे।

2019 में गुलाम कश्‍मीर को लेकर बिपिन रावत का बयान

2019 में तत्कालीन सेना प्रमुख बिपिन रावत ने गुलाम कश्‍मीर को लेकर बड़ा बयान दिया था। बिपिन रावत ने कहा कि जब हम जम्मू-कश्मीर की बाते करते हैं, तब इसमें पीओके और गिलगिट बाल्टिस्तान भी शामिल हैं। सेना प्रमुख ने बिना पाक का नाम लिए कहा कि पीओके इसलिए अवैध कब्जे वाला क्षेत्र है, जिसे हमारे पड़ोसियों ने अवैध तरीके से कब्जा लिया है। बिपिन रावत ने कहा था कि पाकिस्तान ने जिस इलाके पर अवैध कब्जा जमा रखा है, उसे पाकिस्तान नहीं, आतंकवादी नियंत्रित करते हैं। पीओके आतंकियों के द्वारा नियंत्रित देश है। पाकिस्तान आगे भी जम्मू-कश्मीर में 'छद्म युद्ध' जारी रखेगा। यही नहीं वह पंजाब समेत देश के बाकी हिस्सों में भी समस्‍याएं पैदा करेगा। इसके लिए वह कोशिशें कर रहा है।

सीजफायर पर रावत की दो टूक

पिछले जून महीने में पाकिस्तानी सैनिक कई बार सीजफायर का उल्लंघन कर चुके थे, जिसके बाद सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने कहा कि अगर पाकिस्तान शांति चाहता है तो युद्धविराम लंबे समय तक चलने वाला है। यह दोनों देशों के लिए अच्छा होगा। सीडीएस ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से युद्धविराम का बड़े पैमाने पर उल्लंघन हुआ है, जहां न केवल छोटे हथियार थे बल्कि उच्च क्षमता वाले हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। सीजफायर उल्लंघन ने पाकिस्तानी सेना के रक्षात्मक ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। उनके काफी संख्‍या में सैनिक हताहत हुए हैं।

कश्मीर को लेकर बयान

रायसीना डायलॉग 2020 को संबोधित करते हुए सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने पाक को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा था कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों को आतंक निरोधक संस्था एएफटीएफ की काली सूची में डालने और कूटनीतिक रूप से अलग- थलग करने की जरूरत है। जनरल रावत ने कहा था कि कश्‍मीर घाटी में 10 और 12 साल के लड़के-लड़कियों को कट्टरपंथी बनाया जा रहा है, जो चिंता का विषय है।

तालिबान को लेकर बिप‍िन रावत का बयान

अफगानिस्‍तान पर ताल‍िबान के कब्‍जे के बाद सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने कहा था कि भारत को पहले से इस बात का अंदेशा‌ था कि अफगानिस्तान में तालिबान का राज आने वाला था। उसके लिए भारत ने अलग से प्‍लान पहले से ही तैयार कर रखा था। सीडीएस ने कहा कि अफगानिस्तान की परिस्थितियों को लेकर भारत तैयार है। अगर वहां की परिस्थितियों का भारत पर असर पड़ता है तो उसके लिए भी भारत तैयार है। उसका मुकाबला वैसे ही किया जाएगा, जैसे आतंकवाद का किया जाता रहा है। अफगानिस्‍तान में जो कुछ हुआ है, उसकी तेजी को देखते हुए हैरानी जरूर हुआ। ऐसा इसलिए क्‍योंकि भारत ने सोचा था कि इसमें दो माह का समय लग सकता है। लेकिन ये सब कुछ हमारी सोच से पहले ही हो गया।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.