Drugs Case: समीर वानखेड़े ने मुंबई पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र, बोले- झूठे केस में फंसाना चाहते हैं कुछ लोग

आर्यन खान ड्रग्स केस में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने रविवार को मुंबई पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है कि उन्हें गलत मंशा से फंसाने के लिए कोई कार्रवाई न हो।

TaniskMon, 25 Oct 2021 12:46 AM (IST)
एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ।

मुंबई, पीटीआइ। आर्यन खान ड्रग्स केस में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने रविवार को मुंबई पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है कि उन्हें गलत मंशा से फंसाने के लिए कोई कार्रवाई न हो। पुलिस आयुक्त हेमंत नागराले को लिखे पन्ने के पत्र में वानखेड़े ने कहा कि उन्हें पता चला है कि कुछ अज्ञात लोग कथित सतर्कता संबंधी मामले में फंसाने के लिए उनके खिलाफ 'योजनाबद्ध' तरीके से कानूनी कार्रवाई की योजना बना रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि उप महानिदेशक (डीडीजी) मुथा अशोक जैन ने पहले ही उक्त मामले को आवश्यक कार्रवाई के लिए एनसीबी के महानिदेशक (डीजी) को भेज दिया है।

2008 बैच के आइआरएस अधिकारी वानखेड़े ने नाम लिए बिना दावा किया कि कुछ नामचीन लोगों ने सार्वजनिक तौर पर मीडिया के माध्यम से उन्हें जेल भिजवाने और बर्खास्तगी की धमकी दी है। उन्होंने पुलिस आयुक्त से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि उन्हें गलत मंशा से फंसाने के लिए ऐसी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाए। बता दें कि क्रूज ड्रग्स केस में प्रभाकर सैल नाम के एक गवाह का बयान सामने आने के बाद नाटकीय मोड़ आ गया है। एक 'स्वतंत्र गवाह' ने रविवार को दावा किया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के एक अधिकारी और फरार गवाह केपी गोसावी सहित अन्य व्यक्तियों द्वारा बालीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को छोड़ने के लिए 25 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। सैल के आरोपों पर एनसीबी ने सफाई पेश कर दी है।

अच्छा काम कर रहे दलित अधिकारी को निशाना बनाना ठीक नहीं: आठवले

महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक द्वारा एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े के खिलाफ लगाए गए आरोपों के मद्देनजर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने रविवार को कहा कि अच्छा काम कर रहे दलित अधिकारी को निशाना बनाना सही नहीं है। आठवले ने वानखेड़े के खिलाफ मलिक के आरोपों को 'निराधार' और 'शरारती' करार देते हुए अधिकारी का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा कि एनसीपी को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वानखेड़े की आलोचना व्यक्तिगत थी या यह पार्टी का आधिकारिक रुख है या राज्य में महाविकासअघाड़ी (एमवीए) सरकार का है।

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