Arunachal Pradesh Earthquake: अरुणाचल प्रदेश में भूकंप, रिक्टर स्केल पर 4.5 मापी गई तीव्रता

Arunachal Pradesh Earthquake अरुणाचल प्रदेश में आज भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.5 मापी गई है। पंगिन शहर में सुबह करीब 10 बजकर 11 मिनट पर लोगों ने भूकंप के झटके महसूस हुए। इसके बाद से लोगों में दहशत का माहौल है।

Pooja SinghSat, 25 Sep 2021 12:35 PM (IST)
अरुणाचल प्रदेश में भूकंप, रिक्टर स्केल पर 4.5 मापी गई तीव्रता

ईटानगर, एएनआइ। अरुणाचल प्रदेश में आज भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.5 मापी गई है। पंगिन शहर में सुबह करीब 10 बजकर 11 मिनट पर लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। इसके बाद से लोगों में दहशत का माहौल है। लोग डर की वजह से अपने-अपने घरों से बाहर निकल गए। राहत की बात यह रही है कि इन झटकों से अभी तक किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल एक जनवरी से लेकर 31 दिसंबर तक उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, नई दिल्ली समेत देश के कई इलाकों में कुल करीब 965 भूकंप आए, जो काफी बड़ा आंकड़ा है। हैरानी करने वाली बात यह है कि राजधानी नई दिल्ली और एनसीआर इलाके में भूकंप के 13 झटके महसूस किए गए। सभी की रिक्टर स्केल पर तीव्रता तीन से अधिक थी।

कुछ दिन पहले रुदप्रयाग में महसूस किए थे भूकंप के झटके

कुछ दिन पहले उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, जिसकी रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 3.3 मापी गई थी। भूंकप से किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ था। पवालीकांठा के पास भूकंप का केंद्र रहा है।

जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटके

इसके अलावा कुछ दिन पहले केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में देर शाम को भूकंप के झटके महसूस किए गए गए थे। रिक्टर स्केल पर इनकी तीव्रता 4.3 मापी गई थी। फिलहाल अभी तक किसी भी जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं आई है।

भूकंप क्यों आता है

पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फाल्ट लाइन कहलाता है। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

भूकंप के कारण

प्राकृतिक घटना या मानवजनित कारणों से हो सकता है। अक्सर भूकंप भूगर्भीय दोषों के कारण आते हैं। भारी मात्रा में गैस प्रवास, पृथ्वी के भीतर मुख्यत: गहरी मीथेन, ज्वालामुखी, भूस्खलन, और नाभिकीय परिक्षण ऐसे मुख्य दोष हैं।

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