औषधीय गुणों से भरपूर है बेल, सेहत के लिए बेहद फायदेमंद; कई बीमारियों से रखता है दूर

भोपाल के आयुर्वेदाचार्य उमेश शुक्ला के अनुसार बेल पुरानी पेचिश में बेहद कारगर औषधि के रूप में कार्य करता है। बेल की पत्तियां भी मधुमेह रोगियों के लिए औषधि है। पत्तियों में टैनिन लौह कैल्शियम पोटेशियम और मैग्निशियम जैसे तत्व पाए जाते हैं।

Sanjay PokhriyalFri, 18 Jun 2021 03:19 PM (IST)
लू लगने पर पत्तों को पीसकर पैर के तलुओं, सिर, हाथ, छाती पर मालिश करें, आराम मिलेगा

संदीप चंसौरिया, भोपाल। बेल के वृक्ष की छाल, पत्ती और फल औषधीय गुणों से भरपूर है। कोरोना महामारी में लिवर से जुड़े रोगों में यह सर्वाधिक उपयोगी है। इसका फल विटामिन ए,बी,सी, खनिज तत्व, काबरेहाइड्रेट समेत अन्य कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है।

भोपाल के आयुर्वेदाचार्य उमेश शुक्ला के अनुसार बेल पुरानी पेचिश में बेहद कारगर औषधि के रूप में कार्य करता है। बेल की पत्तियां भी मधुमेह रोगियों के लिए औषधि है। पत्तियों में टैनिन, लौह, कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्निशियम जैसे तत्व पाए जाते हैं। बेल का शर्बत कोलेस्ट्राल के स्तर को भी नियंत्रित करता है। बेल का नियमित सेवन महिलाओं को स्तन कैंसर से दूर रखता है। आइए, जानते हैं बेल इंसान को और किस तरह सेहतमंद बनाता है।

ऐसे लगाएं बेल: बेल बीज और कलम (तना) दोनों ही तरह से लगाया जा सकता है। पर्यावरणविद सुदेश बाघमारे के अनुसार बेल के पेड़ों की रोपाई छह से आठ मीटर के अंतर पर मिट्टी की उर्वरता के अनुसार करनी चाहिए। रोपाई के लिए 75 से 100 घन सेंटीमीटर के गड्ढे की जरूरत होती है। रोपण के लिए जुलाई-अगस्त माह अच्छा होता है।

फायदे की बेल

कब्ज के रोगियों को बेल के शर्बत का सेवन करना चाहिए। उदर की स्वच्छता के अलावा आंतों को ताकत देता है बेल की पत्तियां मधुमेह रोगियों के लिए रामबाण हैं। पत्तियों को पीसकर रस का दिन में दो बार सेवन करना चाहिए शरीर में रक्त की कमी को पूरा करने के लिए बेल के फल को सुखाकर उसके चूर्ण का दूध के साथ सेवन फायदेमंद है लू लगने पर पत्तों को पीसकर पैर के तलुओं, सिर, हाथ, छाती पर मालिश करें, आराम मिलेगा

अनुकूल वातावरण: सेवानिवृत्त वन अधिकारी पीसी दुबे के अनुसार किसी भी पौधे के लिए वैसे तो अनुकूल वातावरण बारिश पूर्व का ही होता है, लेकिन बेल का पौधा किसी भी मौसम में कहीं भी लगाया जा सकता है। वैसे दोमट मिट्टी बेल के लिए उपयुक्त होती है। बेल के वृक्ष पूरे देश में खासकर, हिमालय की तराई में, सूखे पहाड़ी क्षेत्रों में पाये जाते हैं। मध्य व दक्षिण भारत में बेल जंगल के रूप में फैला पाया जाता है।

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