सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद वाट्सएप ने की शिकायत निवारण अफसर की नियुक्ति

नई दिल्ली, प्रेट्र/आइएएनएस।फर्जी संदेशों पर शिकंजा कसने को लेकर केंद्र सरकार का लगातार दबाव झेल रही मैसेजिंग कंपनी वाट्सएप ने आखिरकार भारत के लिए शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति कर दी। पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार के बाद उसने यह कदम उठाया है।

मैसेजिंग एप कंपनी ने अगस्त के अंत में इस पद पर अपने ग्लोबल कस्टमर ऑपरेशन की वरिष्ठ निदेशक कोमल लाहिड़ी की नियुक्ति की है। इस अधिकारी पर फर्जी खबरों समेत उपयोगकर्ताओं की अन्य शिकायतों को दूर करने की जिम्मेदारी होगी।

कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, लाहिड़ी अमेरिका में कैलिफोर्निया के मेनलो पार्क स्थित वाट्सएप मुख्यालय से बाहर तैनात हैं। इसमें बताया गया है कि उपयोगकर्ता अपनी शिकायतों के मद्देनजर कोमल लाहिड़ी से ईमेल के जरिये या मोबाइल एप के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं।

ध्यान रहे भारत में वाट्सएप के 20 करोड़ से अधिक यूजर्स है। इसलिए देश के कई हिस्सों में भीड़ द्वारा पीट-पीट कर हत्या करने की कई घटनाओं के सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने वाट्सएप से फर्जी संदेशों के प्रचार-प्रसार को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने का आग्रह किया था। इस सिलसिले में वाट्सएप के सीईओ क्रिस डेनियल 21 अगस्त को नई दिल्ली में केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद से मिले भी थे।

इस दौरान रविशंकर ने दो टूक कहा था कि अपने प्लेटफार्म से प्रसारित हो रहे फर्जी संदेशों को रोकने की जिम्मेदारी वाट्सएप की है। इसके लिए वह पुख्ता तकनीक विकसित करने के साथ ही भारत के लिए एक शिकायत निवारण अधिकारी भी नियुक्त करे। ऐसा नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। इसी दौरान वाट्सएप पर सुप्रीम कोर्ट का दबाव भी बन गया।

27 अगस्त को शीर्ष कोर्ट ने मैसेजिंग कंपनी के खिलाफ दायर याचिका को मंजूर कर लिया। इसमें आरोप लगाया गया था कि कंपनी भारतीय कानून का पालन नहीं करती है, उसने अब तक शिकायत निपटान अधिकारी की नियुक्ति नहीं की है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार व वाट्सएप से चार हफ्ते में जवाब मांग लिया। इसके बाद दबाव में आई मैसेजिंग कंपनी ने अगस्त के अंत में भारत के लिए शिकायत निवारण अफसर के रूप में कोमल लाहिड़ी की नियुक्ति कर दी।

फेसबुक की स्वामित्व वाली मैसेजिंग कंपनी वाट्सएप की वेबसाइट के मुताबिक, उपयोगकर्ता एप के सेटिंग्स विकल्प के माध्यम से सीधे कंपनी की सपोर्ट टीम से भी संपर्क कर सकते हैं। अगर वे शिकायत को आगे बढ़ाना चाहते हैं तो सीधे शिकायत निवारण अधिकारी से संपर्क साध सकते हैं।

 

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