छत्तीसगढ़ में मतांतरण की गूंज विधानसभा में सुनाई दी, राज्य की संस्कृति खतरे में, विपक्ष का सदन में काम रोको प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ में मतांतरण की गूंज बुधवार को सदन में सुनाई दी। विपक्षी पार्टियों ने सरकार के संरक्षण में बांग्लादेशी व रोहिंग्या को बसाने और मतांतरण कराने का आरोप लगाया। कहा कि वनवासी और आदिवासी क्षेत्रों के बाद मतांतरण कराने वाले अब मैदानी क्षेत्रों में सक्रिय हो गए हैं।

Bhupendra SinghThu, 29 Jul 2021 02:27 AM (IST)
सरकार के संरक्षण में बांग्लादेशी व रोहिंग्या को बसाने और मतांतरण कराने का आरोप

रायपुर, राज्य ब्यूरो। छत्तीसगढ़ में मतांतरण की गूंज बुधवार को सदन में सुनाई दी। विपक्षी पार्टियों ने सरकार के संरक्षण में बांग्लादेशी व रोहिंग्या को बसाने और मतांतरण कराने का आरोप लगाया। कहा कि वनवासी और आदिवासी क्षेत्रों के बाद मतांतरण कराने वाले अब मैदानी क्षेत्रों में सक्रिय हो गए हैं। इससे न केवल राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो रही है बल्कि राज्य की पूरी संस्कृति खतरे में है।

विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष का सदन में काम रोको प्रस्ताव नहीं किया स्वीकार

काम रोको प्रस्ताव के जरिये इस पर सदन में चर्चा की मांग करते हुए विपक्षी सदस्यों ने पूरे मामले की हाई कोर्ट के मौजूदा या सेवानिवृृत्त जज से जांच कराने की मांग की। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. चरणदास महंत ने प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया, लेकिन उन्होंने इस पर चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। सदन में बुधवार को यह मामला शून्यकाल में उठा।

भाजपा ने कहा- बांग्लादेशी व रोहिंग्या को बसाने से अर्थव्यवस्था और कानून-व्यवस्था बिगड़ रही

प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा के बृृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि बांग्लादेशियों और रोहिंग्या लोगों को बसाने से हमारे राज्य की अर्थव्यवस्था और कानून-व्यवस्था बिगड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र (रायपुर दक्षिण) में ऐसे करीब ढाई हजार लोगों के आधारकार्ड समेत अन्य दस्तावेज बना दिए गए हैं।

भाजपा विधायक ने कहा- मतांतरण की शिकायतों पर नहीं होती एफआइआर

उन्होंने कहा मतांतरण की राज्य में एक हजार से ज्यादा शिकायतें हैं, लेकिन एफआइआर दर्ज नहीं की जा रही है। इस दौरान उन्होंने राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में हुई इससे संबंधित घटनाओं का भी उल्लेख किया।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा- मतांतरण प्रस्ताव पर सदन में कराई जाए चर्चा

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि राज्य में मतांतरण को लेकर हमारे पास बहुत सारे तथ्य और प्रमाण हैं। इस प्रस्ताव पर चर्चा कराई जाए तो हम वह सब सदन में दे सकते हैं।

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