1,50,000 SHC, PHC बनेंगे स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र, नजदीकी मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी

ग्रामीण और शहरी इलाकों में कुल 150000 उप स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दिसंबर 2022 तक आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र में बदले जाएंगे। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समुदायों को पास में और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।

Nitin AroraSat, 12 Jun 2021 10:27 PM (IST)
1,50,000 SHC, PHC बनेंगे स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र, नजदीकी मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी

नई दिल्ली, प्रेट्र। केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना के प्रभावी प्रबंधन को लेकर कार्य जारी रखने का उल्लेख करते हुए शनिवार को कहा कि कुल 1,50,000 उप स्वास्थ्य केंद्र (एसएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) दिसंबर 2022 तक आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र (एबी-एचडब्ल्यूसी) में बदले जाएंगे।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों का व्यापक नेटवर्क है। देश के ग्रामीण क्षेत्र में 31 मार्च, 2020 तक 155,404 उप स्वास्थ्य केंद्र और 24,918 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र थे। इसके अलावा 5,895 शहरी पीएचसी हैं। बयान में कहा गया, ग्रामीण और शहरी इलाकों में कुल 1,50,000 उप स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दिसंबर 2022 तक आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र में बदले जाएंगे। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समुदायों को पास में और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।

मंत्रालय ने कहा कि इन केंद्रों पर जरूरी जांच की सुविधाएं मुफ्त मुहैया कराई जाती हैं। उप स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर 14 जांच और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 63 जांच की सुविधा दी जा रही है। एसएचसी स्तर पर 105 दवाएं और पीएचसी स्तर पर 172 दवाएं मुफ्त मुहैया कराई जाती हैं। मंत्रालय ने कहा कि अब तक आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र से करीब 50.29 करोड़ लोगों ने स्वास्थ्य सुविधाएं ली हैं और इनमें से करीब 54 प्रतिशत महिलाएं थीं। मंत्रालय ने रेखांकित किया कि ई-संजीवनी प्लेटफार्म के जरिये टेलीमेडिसिन सेवा से 60 लाख से अधिक परामर्श दिए गए हैं।

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