Punjab: 3 अक्टूबर को होगी मेरिटोरियस स्कूलों में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा, पंजाब सरकार ने की घोषणा

Punjab पंजाब सरकार राज्य के गरीब और मेधावी छात्रों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करने के लिए तलवारा अमृतसर जालंधर लुधियाना पटियाला संगरूर बठिंडा फिरोजपुर मोहाली और गुरदासपुर में 10 मेधावी स्कूल संचालित करती है। इन स्कूलों में दाखिले के लिए 3 अक्टूबर को परीक्षा होगी।

Nandini DubeyFri, 17 Sep 2021 01:59 PM (IST)
Punjab: पंजाब में मेरिटोरियस स्कूलों में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा तिथि तय हो गई है।

Punjab: पंजाब में मेरिटोरियस स्कूलों में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा तिथि तय हो गई है। यह परीक्षा 3 अक्टूबर, 2021 को आयोजित की जाएगी। यह एंट्रेंस एग्जाम कक्षा 9वीं से 12वीं कक्षाओं में दाखिले के लिए आयोजित की जाएगी। इसकी जानकारी राज्य सरकार ने गुरुवार को एक ट्विटर के माध्यम से दी है। पंजाब सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल के एक ट्वीट के अनुसार, 3 अक्टूबर को दोपहर 2.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक मेरिटोरियस स्कूलों की 9वीं से 12वीं कक्षाओं के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। छात्रों के रोल नंबर और परीक्षा केंद्रों की सूची वेबसाइट http://ssapunjab.org पर अपलोड की जाएगी।

वहीं मीडिया रिपोर्ट में, राज्य स्कूल शिक्षा विभाग के प्रवक्ता के अनुसार, सोसाइटी फॉर क्वालिटी एजुकेशन फॉर पुअर एंड मेरिटोरियस स्टूडेंट्स, पंजाब, (School Education Department, the Society for Quality Education for Poor and Meritorious Students, Punjab) ने बताया कि कक्षा IX से XII के छात्रों के लिए 3 अक्टूबर, 2021 को दोपहर 2.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक प्रवेश परीक्षा आयोजित करेगा।

पंजाब सरकार राज्य के गरीब और मेधावी छात्रों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करने के लिए तलवारा, अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर, बठिंडा, फिरोजपुर, मोहाली और गुरदासपुर में 10 मेधावी स्कूल संचालित करती है।

मेरिटोरियस स्कूल तलवारा कक्षा 9वीं से 12वीं तक चलता है, जबकि अन्य सभी स्कूलों में 11वीं और 12वीं तक की कक्षाएं विज्ञान और वाणिज्य स्ट्रीम के साथ संचालित होती हैं। इन स्कूलों में सभी आवश्यक सुविधाएं हैं, जैसे विज्ञान प्रयोगशाला, आवासीय स्टाफ क्वार्टर, लड़कियों और लड़कों के लिए अलग छात्रावास, विभिन्न प्रकार के खेलों के लिए सुविधाओं के साथ विशाल खेल के मैदान, एक अच्छी तरह से सुसज्जित मेस, स्मार्ट क्लासरूम और पुस्तकालय आदि है। सरकार का इन स्कूलों के पीछे मकसद है कि गरीब और मेधावी छात्रों के समग्र विकास और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.