जेईई मेन में टिहरी गढ़वाल के पल्लव सेमवाल बने उत्‍तराखंड टॉपर

देहरादून, जेएनएन। जेईई मेन-प्रथम के परीक्षा परिणाम घोषित हो चुके हैं। जिसमें जनपद टिहरी गढ़वाल के पल्लव सेमवाल ने 99.95 परसेंटाइल के साथ उत्तराखंड टॉप किया है। इंजीनियरिंग में कॅरियर बनाने की ओर कदम बढ़ा चुके पल्लव आगे चलकर सिविल सेवा को अपनी मंजिल बनाना चाहते हैं। उनका मानना है कि एक बेहतर ब्यूरोक्रेट के लिए टेक्नोक्रेट होना भी जरूरी है। यह अलग बात है कि एग्जाम के दौरान वह जिंदगी की जरूरत बन चुके तकनीकी संसाधनों से दूर रहे। न स्मार्ट फोन को हाथ लगाया और न फेसबुक, व्हाट्सएप से ही उनका वास्ता रहा। पढ़ाई को लेकर यह उनका समर्पण ही है कि कामयाबी कदम चूम रही है।

नई टिहरी में बांध प्रभावित क्षेत्र प्रतापनगर ब्लॉक के जाखणी गांव निवासी पल्लव सेमवाल के पिता पीपी सेमवाल जेएस डब्ल्यू इनर्जी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट किन्नौर में आइटी मैनेजर हैं। जबकि माता मधु सेमवाल गृहणी हैं। वर्तमान में पल्लव अपनी मां के साथ देहरादून के धर्मपुर में रहते हैं। वह यहां आकाश इंस्टीट्यूट से कोचिंग ले रहे हैं। संस्थान के ब्रांच मैनेजर हिमांशु सिंह व डिप्टी डायरेक्टर पुष्कर मिश्रा ने उन्हें इस उपलब्धि पर सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि आकाश इंस्टीट्यूट देहरादून के 11 छात्रों ने 99 परसेंटाइल, 115 ने 90 परसेंटाइल व 238 छात्रों ने 70 परसेंटाइल से ऊपर स्कोर किया है।

मुख्यमंत्री कर चुके हैं सम्मानित

पल्लव ने 2018 में दून इंटरनेशनल स्कूल से 95 फीसद अंकों के साथ इंटर पास किया। उन्होंने वर्ष 2016 में जिंदल विद्या मंदिर शोल्टू किन्नौर हिमाचल से 97.43 फीसद अंकों से हाईस्कूल उत्तीर्ण किया। हाईस्कूल परीक्षा में बेहतर स्थान हासिल करने पर हिमाचल के मुख्यमंत्री पल्लव को सम्मानित भी कर चुके हैं।

करत-करत अभ्यास...

पल्लव ने 2018 में भी जेईई मेन में क्वालिफाई किया था। जेईई एडवांस में रैंक अच्छी न होने के कारण उन्हें मन मुताबिक कॉलेज नहीं मिला। वह बताते हैं कि आइआइटी जौधपुर में बायो टेक्नोलॉजी में दाखिला मिल रहा था, लेकिन वह टॉप आइआइटी से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियङ्क्षरग करने की इच्छा रखते हैं। इस बार कड़ी मेहनत कर जेईई मेन में राज्य में प्रथम स्थान हासिल किया है। अब वह पूरी शिदद्त के साथ जेईई एडवांस की तैयारी में जुट गए हैं।

संगीत और पेंटिंग का शौक

पल्लव को पढ़ाई के अलावा संगीत का शौक है। वह खाली वक्त में गाने सुनना पसंद करते हैं। कहते हैं कि सुरों से उन्हें ऊर्जा मिलती है। संगीत से वह रिफ्रेश हो जाते हैं। इसके अलावा पेंटिंग से भी खासा लगाव है। अपनी सफलता का श्रेय वह कुशल शिक्षकों का मार्गदर्शन, सेल्फ स्टडी व नियमित प्रैक्टिस को देते हैं।

पल्लव का स्कोर कार्ड 

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