JNU में कोरोना का बढ़ता कहर, प्रशासन ने छात्रों को घर लौट जाने की दी सलाह

JNU: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, जेएनयू (Jawaharlal Nehru University)

JNU जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय जेएनयू (Jawaharlal Nehru University) ने राजधानी में बढ़ते कहर को देखते हुए हॉस्टल के छात्रों को अपने घर लौटने की सलाह दी है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कहा है कि अगर संभव हो तो छात्र अपने घरों को लौट जाएं।

Nandini DubeySat, 17 Apr 2021 09:20 AM (IST)

JNU: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, जेएनयू (Jawaharlal Nehru University) ने राजधानी में बढ़ते कहर को देखते हुए हॉस्टल के छात्रों को अपने घर लौटने की सलाह दी है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कहा है कि अगर संभव हो तो छात्र अपने घरों को लौट जाएं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में शुक्रवार को ताजा 19,486 COVID-19 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं एक दिन 141 लोगों की मौत हो गई है। दिनों-दिन मामलों में बढ़ोतरी होती जा रही है।

यूनिवर्सिटी द्वारा जारी एक एडवाइजरी के अनुसार, फिलहाल जेएनयू परिसर में कोविड-19 के 64 मामले हैं। वहीं विश्वविद्यालय ने पिछले साल मार्च से ब तक कुल 322 केसेज सामने आ चुके हैं, जबकि पांच लोगों की मौत हो चुकी है। इसलिए जेएनयू ने कहा कि हॉस्टल, मेस और लाइब्रेरी में यह वायरस तेजी से फैल सकता है। ऐसे में छात्रों और कैंपस के निवासियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे संभव हो सके तो अपने घरों को लौट जाएं। इससे वे अपने परिवार के पास सुरक्षित रहेंगे। इसके साथ ही कोविड-19 के प्रसार पर भी रोक लग सकेगी।

जेएनयू ने हाल ही में एमफिल, पीएचडी और एमटेक के छात्र-छात्राओं को बड़ी सहूलियत दी थी। इसके अनुसार अब यह स्टूडेंट्स इसके तहत स्टूडेंट्स 31 दिसंबर, 2021 तक थीसिस जमा कर सकते हैं।यूनिवर्सिटी ने 6 महीने का छात्रों को और समय दे दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक विश्वविद्यालय ने पिछले साल यानी कि दिसंबर, 2020 में समय सीमा का विस्तार करते हुए स्टूडेंट्स को शोधपत्र जमा करने के लिए 30 जून तक का वक्त दिया था। लेकिन इसके बाद 9 अप्रैल को जारी एक नोटिस में, विश्वविद्यालय ने घोषणा की है कि एमफिल, एमटेक और पीएचडी छात्र इस साल 31 दिसंबर तक अपनी थीसिस जमा कर सकेंगे।इसके अलावा ज्यादा जानकारी के लिए स्टूडेंट्स जेएनयू की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं। 

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.