बीकॉम के बाद इंश्योरेंस सेक्टर में हैं जॉब के अवसर, अच्छी कमाई के साथ बेहतरीन करियर

नई दिल्ली [अरुण श्रीवास्तव]। कई बार पढ़ाई के दौरान छात्र समझ नहीं पाते हैं कि किस तरफ अपना करियर चुनें। या कई बार अलग-अलग लोग अलग-अलग बातें करते हैं जिसके कारण ये नहीं समझ आता है कि क्या करना बेहतर होगा और किस कोर्स में एडमिशन लें ताकि करियर भी बेहतर बने। ऐसी ही समस्याओं का जवाब इस आर्टिकल में नीचे मौजूद है....

मैं बीए तृतीय वर्ष का छात्र हूं और मेरा एक ही सपना है आइएएस बनने का। राजनीति विज्ञान और प्राचीन इतिहास मेरे विषय हैं। कृपया उचित मार्गदर्शन करें।

-राहुल गोंड, ईमेल से

सपने को पूरा करने के लिए उसे जमीन पर रहकर जीना पड़ता है। अगर आप अपने सपने को हकीकत में बदलना चाहते हैं, तो सिर्फ कल्पनाओं में खोये रहने की बजाय अपने सपने को पूरा करने की जद्दोजहद शुरू कर दें। इसके लिए तैयारी के जितने भी चरण हैं, उन पर पूरी तरह से अमल करने का प्रयास करें। हां, इसके पहले सिविल सेवा परीक्षा के सिलेबस और पिछले कुछ वर्षों के प्रश्नपत्रों को अच्छी तरह देख और समझ कर इस बारे में मनन करें कि क्या आप खुद को इसके लिए पूरी तरह से सक्षम पाते हैं। अगर हां, तो फिर सिलेबस के अनुसार अपनी तैयारी की स्ट्रेटेजी बनाएं और चिड़िया की आंख की तरह सिर्फ लक्ष्य पर नजर रखें। अगर आप अपने भीतर अपने सपने को पूरा करने की जिद पाल लेंगे, तो निश्चित रूप से कामयाबी की राह पर तेजी से अग्रसर हो सकेंगे।

मैं कक्षा नौ का छात्र हूं। आइआइटी की तैयारी अभी से करना चाहता हूं। कृपया मुझे बताएं कि मैं अपनी तैयारी कैसे करूं? क्या मैं किसी कोचिंग संस्थान से फाउंडेशन कोर्स कर लूं?

-हिमांशु श्रीवास्तव, गाजीपुर, ईमेल से

कोचिंग संस्थान कोई अलादीन का चिराग नहीं होता। बेहतर होगा कि पहले आप खुद से नौवीं-दसवीं के सिलेबस पर मजबूत पकड़ बनाएं। रटने की बजाय समझने पर ज्यादा जोर दें। अपने धारणात्मक ज्ञान को बढ़ाएं। फार्मूलों के एप्लिकेशंस पर कहीं अधिक फोकस करें। इसके बाद जब ग्यारहवीं में जाएं, तो 11वीं-12वीं के सिलेबस को अच्छी तरह कवर करें। जब शत-प्रतिशत ऐसा कर लें, उसके बाद जेईई के सिलेबस और पिछले चार-पांच वर्षों के प्रश्नों का बारीकी से अवलोकन करें। तैयारी के क्रम में जब यह लगने लगे कि आप इन प्रश्नों को आसानी से हल कर पा रहे हैं, तो आपके लिए आगे की राह मुश्किल नहीं होगी। इस दौरान मॉक पेपर्स को भी अधिक से अधिक सॉल्व करें। हां, इस दौरान कहीं किसी सेक्शन या कॉन्सेप्ट को खुद या टीचर्स की मदद से समझने में दिक्कत हो रही हो या यह लगता हो कि कुछ महीने की कोचिंग कर लेने से आपको अधिक लाभ हो सकता है, तो बेशक ऐसा कर सकते हैं।

मैं बीकॉम कर रहा हूं। मैं यह जानना चाहता हूं कि इंश्योरेंस कंपनियों में करियर के किस तरह के विकल्प होते हैं? इसमें एंट्री के लिए मुझे क्या करना होगा?

-हितेंद्र वर्मा, ईमेल से

सरकारी यानी सार्वजनिक क्षेत्र की और निजी दोनों ही तरह की इंश्योारेंस कंपनियों में इन दिनों कई तरह के जॉब अवसर होते हैं। सरकारी इंश्योरेंस कंपनियों की बात करें, तो इनमें डेवलपमेंट ऑफिसर (डीओ), सहायक प्रशासनिक अधिकारी (एएओ), क्लर्क-कम-कैशियर, एक्चुअरी, सहायक, प्रबंधक, मार्केटिंग ऑफिसर आदि के रूप में जॉब होती हैं। इनके लिए संबंधित इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा आवश्यकतानुसार समय-समय पर रिक्तियों की घोषणा की जाती है, जो इनकी वेबसाइट पर भी प्रदर्शित होती हैं। इनके लिए ग्रेजुएशन, बीकॉम, बीबीए, एमबीए, पीजीडीएम आदि की जरूरत होती है। इनके द्वारा भी रिटेन टेस्ट और इंटरव्यू के आधार पर नियुक्तियां की जाती हैं। अब निजी क्षेत्र में बड़ी संख्या में इंश्योरेंस कंपनियां कार्यरत हैं, जो सामान्यतया एमबीए को प्राथमिकता देती हैं। इनमें भी अच्छे ऑफर मिलते हैं।

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