Isolation Coaches: महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश को पश्चिम रेलवे ने दिए आइसोलेशन कोच

Isolation Coaches पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित ठाकुर के अनुसार पश्चिम रेलवे द्वारा कुल 386 आइसोलेशन कोच तैयार किए गए। इनमें से 128 कोच मुंबई डिवीजन को उपलब्ध कराए गए। हाल ही में महाराष्ट्र के पालघर स्टेशन पर 21 कोच की एक रैक खड़ी की गई।

Sachin Kumar MishraPublish:Wed, 05 May 2021 10:12 PM (IST) Updated:Wed, 05 May 2021 10:12 PM (IST)
Isolation Coaches: महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश को पश्चिम रेलवे ने दिए आइसोलेशन कोच
Isolation Coaches: महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश को पश्चिम रेलवे ने दिए आइसोलेशन कोच

मुंबई, राज्य ब्यूरो। Isolation Coaches: देश में कोविड-19 की बढ़ती समस्या के बीच अस्पतालों में बिस्तर कम पड़ते जा रहे हैं। ऐसे में पश्चिम रेलवे ने महाराष्ट्र सहित पड़ोसी राज्यों गुजरात व मध्य प्रदेश को कुछ स्थानों पर आइसोलेशन कोच प्रदान कर राहत का हाथ बढ़ाया है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश व गुजरात राज्यों की मांग पर पश्चिम रेलवे ने महाराष्ट्र के पालघर व नंदुरबार स्टेशनों पर, गुजरात के साबरमती व चांडलोदिया स्टेशनों पर व मध्य प्रदेश में इंदौर के निकट तीही स्टेशन पर आइसोलेशन कोच उपलब्ध कराए हैं। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित ठाकुर के अनुसार, पश्चिम रेलवे द्वारा कुल 386 आइसोलेशन कोच तैयार किए गए हैं। इनमें से 128 कोच मुंबई डिवीजन को उपलब्ध कराए गए हैं।

हाल ही में महाराष्ट्र के पालघर स्टेशन पर 21 कोच की एक रैक खड़ी की गई है, जहां स्थानीय जिला प्रशासन कोविड-19 के मरीजों को रखकर उनका इलाज कर सकता है। इससे पहले 21 कोच की ही एक रैक नंदुरबार में भी खड़ी की गई थी। महाराष्ट्र के इन दोनों ही जनपदों की गिनती संसाधनों की कमी वाले जनपदों में होती है। चार मई तक इन आइसोलेशन कोचों में कुल 97 मरीज भर्ती किए गए। जिनमें से 66 ठीक होकर घर जा चुके हैं। जबकि 31 मरीज अब भी इनमें रहकर अपना इलाज करा रहे हैं। पालघर में खड़े किए गए 21 कोच में 378 मरीजों को रखा जा सकता है। प्रत्येक कोच में दो ऑक्सीजन सिलेंडर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन सभी कोचों की सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सभी मरीजों को बेडरोल व डस्टबिन दी जा रही हैं। हर कोच में तीन शौचालय एवं एक स्नानघर की व्यवस्था की गई है। चूंकि ये सारे कोच गैरवातानुकूलित हैं, इसलिए गर्मी के बचाव के लिए इन कोचों की छतों को जूट से ढका गया है तथा इसे नियमित अंतराल पर गीला किया जाता है। प्रत्येक रेक में डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ के लिए अलग कोच निर्धारित किया गया गया। इन्हीं सुविधाओं के साथ रतलाम डिवीजन की ओर से तीही स्टेशन पर खड़े किए गए 20 आइसोलेशन कोच में चार मई तक 15 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। जबकि अहमदाबाद डिवीजन की ओर से तैयार किए गए 19 में से 13 कोच साबरमती स्टेशन पर व छह चांडलोदिया स्टेशनों पर खड़े गए हैं।