महाराष्ट्र में बारिश का कहर: कोंकण रेलवे रूट पर ट्रेन सेवा बाधित, 6000 यात्री फंसे

महाराष्ट्र के रत्नागिरि में भारी बारिश के कारण ट्रेन सेवा बाधित हो गई है जिसके चलते 6000 यात्री यहां फंस गए हैं। हालांकि यात्री पूरी तरह से सुरक्षित हैं। रेलवे उनके खाने पीने का भी पूरा ध्‍यान रख रहा है।

Babita KashyapThu, 22 Jul 2021 02:43 PM (IST)
रत्नागिरी जिले में भारी बारिश के कारण कोंकण रेलवे मार्ग पर ट्रेन सेवा बाधित

मुंबई, पीटीआइ। महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ के चलते कोंकण रेलवे मार्ग पर ट्रेन सेवा बाधित होने के कारण 6000 यात्री फंसे हुए हैं। अब तक नौ ट्रेनों को रेगुलेटिंग किया जा चुका है। रेगुलेटिंग का मतलब है कि ट्रेनों को या तो सामान्‍य तौर पर चलाया गया है या शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है या रद कर दिया गया है।

कोंकण रेलवे के अधिकारियों ने कहा कि ये ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर सुरक्षित स्थानों पर हैं और इनमें सवार यात्री भी सुरक्षित हैं और उन्हें भोजन और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। रेलवे अधिकारी के अनुसार भारी बारिश के बाद रत्नागिरी में चिपलून और कामठे स्टेशनों के बीच वशिष्ठ नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। उन्होंने कहा, "यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए इस खंड में ट्रेन सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है।" रेल अधिकारियों के अनुसार, कोंकण रेलवे मार्ग पर विभिन्न स्टेशनों पर विनियमित ट्रेनों में 5,500-6,000 यात्री फंसे हुए थे। कोंकण रेलवे ने बताया कि चिपलून में बाढ़ की स्थिति के कारण अब तक लंबी दूरी की नौ ट्रेनों को रेगुलेट किया गया है। इनमें से दादर-सावंतवाड़ी स्पेशल ट्रेन को चिपलून स्टेशन पर और सीएसएमटी-मडगांव जनशताब्दी स्पेशल ट्रेन को खेड़ स्टेशन पर रेगुलेट किया गया है।

कोंकण रेलवे के प्रवक्ता गिरीश करंदीकर ने कहा कि इन ट्रेनों में सवार यात्री सुरक्षित हैं। चुनौतियों के बावजूद कोंकण रेलवे फंसे हुए यात्रियों को भोजन और पानी मुहैया करा रहा है। करंदीकर ने कहा, "हमने सभी फंसे हुए यात्रियों को चाय, नाश्ता और पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।"पिछले कुछ दिनों में कोंकण रेल मार्ग पर यह दूसरा व्यवधान है। 19 जुलाई को पणजी के पास पुरानी गोवा सुरंग में पानी रिसने के कारण रूट पर ट्रेन सेवाएं एक दिन के लिए रोक दी गई थीं।

बता दें कि कोंकण रेलवे का मुंबई के पास रोहा से मंगलुरु के पास स्थित थोकुर तक 756 किलोमीटर लंबा ट्रैक है। यह मार्ग, तीन राज्यों- महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक में फैला है। यह चुनौतीपूर्ण रूट है क्‍योंकि इसमें कई नदियां, घाटिया और पहाड़ हैं। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कसारा घाट खंड में और मुंबई से सटे पुणे जिले के लोनावाला पहाड़ी शहर के पास मध्य रेलवे की ट्रेन सेवाएं भी वीरवार को भारी बारिश के कारण बाढ़, पटरियों के बह जाने, बोल्डर दुर्घटनाओं और उस क्षेत्र में कीचड़ गिरने के कारण बुरी तरह प्रभावित हुईं थी।

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