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Maharashtra: अनिल देशमुख के खिलाफ जांच कर रही समिति को मिली सिविल कोर्ट की शक्तियां

अनिल देशमुख के खिलाफ जांच कर रही समिति को मिली सिविल कोर्ट की शक्तियां। फाइल फोटो

Maharashtra अनिल देशमुख पर मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए गठित जस्टिस चांदीवाल समिति को सिविल कोर्ट की शक्तियां प्रदान की हैं। हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अगुआई वाली सदस्यीय समिति का गठन किया गया था।

Sachin Kumar MishraSun, 09 May 2021 10:48 PM (IST)

मुंबई, प्रेट्र। Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए गठित जस्टिस चांदीवाल समिति को सिविल कोर्ट की शक्तियां प्रदान की हैं। हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश कैलाश उत्तमचंद चांदीवाल की अगुआई वाली एक सदस्यीय समिति का गठन 30 मार्च को किया गया था। तीन मई को जारी एक अधिसूचना में राज्य सरकार ने जांच समिति को सिविल कोर्ट की शक्तियां प्रदान की हैं। सिंह ने मुंबई के पुलिस आयुक्त पद से हटाए जाने और राज्य होम गार्ड का डीजी बनाए जाने के बाद 20 मार्च को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा था। सिंह ने आरोप लगाया था कि राकांपा नेता देशमुख ने कुछ पुलिस अधिकारियों को हर महीने मुंबई के बार और रेस्तरां से 100 करोड़ रुपये की वसूली करने को कहा था। समिति गठित होने के बाद विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फड़नवीस ने कहा था कि समिति को न्यायिक आयोग नहीं कहा जा सकता, क्योंकि इसे जांच आयोग अधिनियम 1952 के तहत शक्तियां नहीं दी गई हैं। उन्होंने समिति को आंख में धूल झोंकने जैसा करार दिया था।

इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआइ की एफआइआर को चुनौती देने वाले पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की याचिका को स्थगित कर दिया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने देशमुख को सीबीआइ द्वारा किसी भी कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा देने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने अनिल देशमुख को निर्देश दिया कि अगर जरूरत पड़ी तो उनके केस की तात्कालिकता के आधार पर हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच को स्थानांतरित किया जाए। बॉम्बे हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआइ की एफआइआर को चुनौती देने वाले महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की याचिका को स्थगित कर दिया। हाईकोर्ट ने सीबीआइ से चार सप्ताह में देशमुख की याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई अदालत के ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद होगी। मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने करीब डेढ़ महीने पहले राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे एक लेटर में आरोप लगाया था कि अनिल देशमुख ने ही मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वाझे को हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली का टारगेट दिया था। देशमुख ने आरोपों से इनकार किया था, लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट की ओर से सीबीआइ जांच के आदेश के बाद देशमुख को पद से इस्तीफा देना पड़ा था। देशमुख इस समय सीबीआइ जांच का सामना कर रहे हैं।

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