Antilia And Hiran Case: एनआइए ने अंटीलिया और मनसुख हिरेन मामलों में पेश किया आरोपपत्र

Antilia And Hiran Case आरोपपत्र में मुंबई पुलिस के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा व बर्खास्त एपीआइ सचिन वाझे सहित 10 लोगों के नाम हैं। यदि इन आरोपितों पर एनआइए द्वारा लगाए गए आरोप सिद्ध होते हैं तो उन्हें आजीवन कारावास से लेकर मृत्युदंड तक की सजा हो सकती है।

Sachin Kumar MishraFri, 03 Sep 2021 08:37 PM (IST)
एनआइए ने अंटीलिया और मनसुख हिरेन मामलों में पेश किया आरोपपत्र। फाइल फोटो

मुंबई, राज्य ब्यूरो। उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के निकट विस्फोटक लदी स्कार्पियो कार पाए जाने के मामले की जांच कर रही एनआइए ने इस मामले व इसी से जुड़े मनसुख हिरेन हत्याकांड का आरोपपत्र विशेष एनआइए अदालत में पेश कर दिया है। आरोपपत्र में मुंबई पुलिस के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा व बर्खास्त एपीआइ सचिन वाझे सहित 10 लोगों के नाम हैं। यदि इन आरोपितों पर एनआइए द्वारा लगाए गए आरोप सिद्ध होते हैं तो उन्हें आजीवन कारावास से लेकर मृत्युदंड तक की सजा हो सकती है। एनआइए ने अपने आरोपपत्र में कहा है कि उक्त दोनों मामलों की जांच के दौरान उसे इन दसों आरोपितों के शामिल होने के प्रमाण मिले हैं। एनआइए ने मुंबई और ठाणे पुलिस द्वारा दर्ज कुल तीन प्राथमिकियों का जिक्र किया है। इनमें 25 फरवरी को दर्ज एफआइआर संख्या 35/2021 मुकेश अंबानी के घर के निकट कर्माइकल रोड पर जिलेटिन की 20 छड़ें रखी स्कार्पियो कार खड़ी किए जाने के संबंध में गांवदेवी पुलिस थाने में दर्ज की गई थी।

दूसरी एफआइआर संख्या 47/2021 मुंबई के विक्रोली पुलिस थाने में स्कार्पियो कार की चोरी के संबंध में ठाणे के व्यवसायी मनसुख हिरेन द्वारा दर्ज कराई गई थी। तीसरी एफआइआर एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (एडीआर) संख्या 39/2021 के रूप में ठाणे के मुंब्रा पुलिस ठाणे में मनसुख हिरेन का शव एक समुद्री खाड़ी में पाए जाने के बाद लिखी गई थी। एनआइए ने दसों आरोपितों पर आइपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), 201, 286, 302 (हत्या), 364, 386, 403, 419, 465, 471, 473, 506 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 3 एवं 25, विस्फोटक तत्व अधिनियम की धारा 4, तथा यूएपीए की धारा 18 व 20 के तहत आरोपपत्र तैयार किया है। आरोपितों में मुंबई पुलिस के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट इंस्पेक्टर प्रदीप शर्मा, बर्खास्त एपीआइ सचिन वाझे के अलावा इंस्पेक्टर रियाजुद्दीन काझी, इंस्पेक्टर सुनील माने, संतोष शेलार, आनंद पांडुरंग जाधव, सतीश मोठकुरी उर्फ तन्नी उर्फ विक्की बाबा तथा मनीष वसंत भाई सोनी के नाम शामिल हैं।

गौरतलब है कि इसी वर्ष 24-25 फरवरी की मध्य रात्रि उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के निकट जिलेटिन की छड़ें रखी एक लावारिस स्कार्पियो कार खड़ी पाई गई थी। शुरू में इस मामले की जांच मुंबई पुलिस ने शुरू की थी और जांच की जिम्मेदारी उस समय क्राइम इंटेलीजेंस यूनिट के मुखिया की जिम्मेदारी संभाल रहे एपीआइ सचिन वाझे को सौंपी गई थी, लेकिन कुछ ही दिन बाद जब केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर केंद्रीय जांच एजेंसी एनआइए ने इस मामले की जांच शुरू की, तो उसने सबसे पहले सचिन वाझे को ही हिरासत में लिया। एनआइए की जांच आगे बढ़ने पर उसे स्कार्पियो कार के कथित मालिक मनसुख हिरेन की हत्या के मामले की जांच भी अपने हाथ में लेनी पड़ी। तब तक इस मामले की जांच कर रही ठाणे एटीएस की टीम सचिन वाझे को इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता बता चुकी थी। वाझे से लंबी पूछताछ के आधार पर ही एनआइए ने अन्य आरोपितों के साथ पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा को भी गिरफ्तार किया है।

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