Maharashtra: भीड़ ने बिजली कंपनी के गार्ड को पीटकर मार डाला

Maharashtra बकायेदारों के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान एक निजी कंपनी के गार्ड को लोगों ने पीटकर मार डाला। एक अन्य वारदात में भीड़ ने हमला कर तीन पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया। ये दोनों वारदातें गत दो दिनों में ठाणे जिले के भिवंडी शहर में हुईं।

Sachin Kumar MishraSun, 04 Jul 2021 09:33 PM (IST)
भीड़ ने बिजली कंपनी के गार्ड को पीटकर मार डाला। फाइल फोटो

ठाणे, प्रेट्र। महाराष्ट्र में बकायेदारों के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान एक निजी कंपनी के गार्ड को लोगों ने पीटकर मार डाला। एक अन्य वारदात में भीड़ ने हमला कर तीन पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया। ये दोनों वारदातें गत दो दिनों में ठाणे जिले के भिवंडी शहर में हुईं। निजामपुरा थाने के अधिकारियों ने बताया, बिजली कंपनी के कुछ कर्मचारी सिक्योरिटी गार्ड तुकाराम पवार के साथ शनिवार को भिवंडी के कनेरी गांव में बकायेदारों से वसूली के लिए गए थे। इसी दौरान 10-15 ग्रामीणों ने उन पर हमला बोल दिया। तुकाराम को गंभीर चोट आई। उसे आइजीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

पुलिस पर किया हमला

उधर, महाराष्ट्र व गुजरात पुलिस की टीम भिवंडी के कसाईवाड़ा में जमील कुरैशी को पकड़ने गई थी। उस पर गुजरात के वलसाड में मुकदमा दर्ज है। इस दौरान जमील चौथी मंजिल पर स्थित अपने फ्लैट से कूद गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जमील के स्वजन व स्थानीय लोगों ने पुलिस पर धक्का देने का आरोप लगाते हुए ईंट-पत्थरों से हमला बोल दिया। इसमें दो सिपाही व एक उप निरीक्षक घायल हो गए। पुलिस ने आरोपितों की पहचान कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

कोरोना के कारण इंटरव्यू में देरी से अभ्यर्थी ने की आत्महत्या 

पुणे, प्रेट्र : पुणे के हदपसर इलाके में रहने वाले महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) परीक्षा के एक अभ्यर्थी ने कोरोना संक्रमण के कारण इंटरव्यू नहीं होने पर अवसादग्रस्त होकर आत्महत्या कर ली। हदपसर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक बालकृष्ण कदम ने बताया कि स्वप्निल लोनकर के पास सिविल इंजीनिय¨रग में डिप्लोमा की डिग्री थी। वह एमपीएससी-2019 की प्राथमिक तथा मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण कर चुका था और इंटरव्यू होने का इंतजार कर रहा था। इसके अलावा वह 2020 की प्राथमिक परीक्षा भी निकाल चुका था। कदम ने बताया कि उसने 30 जून को अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। स्वप्निल अपने पीछे एक सुसाइड नोट छोड़ गया है, जिसमें उसने एमपीएससी परीक्षा को मायाजाल बताते हुए किसी से इसके चक्कर में नहीं पड़ने का अनुरोध किया है।

कदम ने बताया, स्वप्निल ने सुसाइड नोट में कहा है कि इंटरव्यू नहीं होने के चलते उसके मन में नकारात्मक विचार आ रहे थे। उसने इस उम्मीद में लोन ले लिया था कि वह परीक्षा उत्तीर्ण कर लेगा। उसने यह भी कहा है कि वह डिप्रेशन में चला गया है और उसके परिवार को उससे बहुत सारी उम्मीदें हैं। इस बीच, स्वप्निल के पिता ने कहा कि राज्य सरकार की उदासीनता उनके बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने कहा, प्राथमिक और मुख्य परीक्षा में चयनित हो जाने के बाद मेरे बेटे को जल्द ही नियुक्ति मिल जाने की उम्मीद थी। वह कर्ज का बोझ घटाकर मेरी मदद करना चाहता था, लेकिन अब तो वह खुद चला गया। राज्य सरकार की उदासीनता के कारण मैंने अपना बेटा खो दिया।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.