Maharashtra FLOOD News:महाराष्ट्र में मानसूनी बारिश ने बरपाया कहर, 192 लोगों की गई जान; 25 अभी भी लापता

Maharashtra FLOOD News महाराष्ट्र में बाढ़ के कारण अब तक192 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं जबकि 25 लोग अभी भी लापता है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी आज रायगढ़ और रत्नागिरी जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे।

Babita KashyapTue, 27 Jul 2021 08:03 AM (IST)
महाराष्ट्र में मानसूनी बारिश ने मूसलाधार बरसात ने पिछले करीब 100 साल का रिकार्ड तोड़ दिया है।

मुंबई, मिड डे/ एएनआइ। महाराष्ट्र में मानसूनी बारिश आफत बनकर टूटी है राज्‍य में बाढ़ और भू्स्‍खलन के कारण अब तक 192 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 25 लोग अभी भी लापता बताये जा रहे हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के अनुसार पश्चिम महाराष्ट्र में भीषण बाढ़ का कारण बनी मूसलाधार बरसात ने पिछले करीब 100 साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। यहां के बाढ़ ग्रस्‍त इलाकों से अब तक 375,178 लोगों को सुरक्षित स्‍थान पर पहुंचाया गया है। कुछ स्‍थानों पर 20 फुट तक पानी भरा हुआ है।

राकांपा प्रमुख शरद पवार ने बताया कि बाढ़ ने कृषि क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया है और राज्‍य 6 जिलों में लगभग 16,000 परिवार बेघर हो गए हैं। राकांपा ने बाढ़ प्रभावितों के बीच वितरण के लिए 16,000 किट तैयार की हैं।

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी आज रायगढ़ और रत्नागिरी जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने जा रहे हैं। राज्यपाल अपनी यात्रा के दौरान तलाई गांव और चिपलून का दौरा करेंगे।

अब तक 375,178 लोगों को बचाया गया 

राज्य में दशकों में सबसे बड़े बाढ़ बचाव अभियान में 375,178 लोगों के घर बाढ़ के पानी में डूबे होने के बाद सुरक्षित क्षेत्रों में पहुंचाए गए हैं, जो कुछ स्थानों पर 20 फीट तक ऊंचे थे। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के अनुसार पश्चिमी महाराष्ट्र के बाढ़ग्रस्‍त जिलों - सांगली (206,619), कोल्हापुर (150,365), सतारा (7,530) से, इसके बाद कोंकण जिले - ठाणे (6,930), सिंधुदुर्ग (1,271), रत्नागिरी (1,200) और रायगढ़ (1,000) लोगों को बचाया गया है और अधिकांश बाढ़ प्रभावितों को 259 राहत शिविरों में रखा गया है। घायल हुए 48 लोगों का रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, सांगली, सतारा और कोल्हापुर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जबकि रायगढ़ में पहाड़ी-स्लाइड के कुछ पीड़ितों को मुंबई के विशेष अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

कोल्हापुर और सतारा नहीं जा पाये मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

बाढ़ग्रस्‍त क्षेत्रों के अपने दौरे के तीसरे दिन सोमवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे कोल्हापुर और सतारा के लिए एक हेलीकॉप्टर में सवार हुए लेकिन दृश्यता कम होने के कारण उनका हेलीकॉप्टर कोयना हेलीपैड पर नहीं उतर सका और पुणे लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा।सीएमओ के एक अधिकारी ने बताया कि अचानक भारी बारिश से क्षेत्र में फिर से भर गया, जिससे दृश्यता खराब हो गई, जिससे कोयना हेलीपैड पर हेलिकॉप्टर की लैंडिंग नहीं हुई। फिर भी, मुख्‍यमंत्री ठाकरे ने जिलों के अधिकारियों के साथ स्थिति पर चर्चा की और आदेश दिया कि प्रभावित लोगों को भोजन, पानी, दवा और कपड़े के प्रावधान के साथ आपातकालीन राहत कार्य तुरंत उपलब्‍ध करवाया जाये, बता दें कि 1,028 गांव सीधे तौर पर त्रासदी का शिकार हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा, "अभी तक बाढ़ का पानी कम नहीं हुआ है। खराब मौसम भी बना हुआ है। लेकिन राहत कार्य सभी सावधानियों के साथ किया जाना चाहिए।"

उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने किया बाढ़गस्‍त इलाकों का दौरा

राज्‍य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार सोमवार को बाढग्रस्‍त इलाके सांगली के दौरे पर गए थे। यहां वह एनडीआरएफ की नाव पर सवार हो शहर के सबसे अधिक बाढ़ प्रभावित इलाकों का सर्वेक्षण करने के लिए गए, यहां अभी भी कई फीट तक पानी भरा हुआ है। मंत्री जयंत पाटिल, विजय वडेट्टीवार और विश्वजीत कदम के साथ दौरे पर गए उपमुख्यमंत्री पवार ने कहा कि अगले कुछ दिनों में मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत पैकेज और अन्य उपायों पर आधिकारिक घोषणा करेंगे।

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