Maharashtra Flood: राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी गए बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के दौरे पर, NCP अध्यक्ष शरद पवार ने दी नसीहत

Maharashtra Flood महाराष्ट्र के राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी मंगलवार को बाढ़ग्रस्‍त इलाकों के दौरे पर गए थे। इस पर राकांपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार ने नसीहत देते हुए कहा है कि मेरा व्यक्तिगत तौर पर मानना है कि हम जैसे नेताओं को ऐसे क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए।

Babita KashyapWed, 28 Jul 2021 08:59 AM (IST)
राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी कोंकण के भूस्खलनग्रस्त क्षेत्रों के दौरा किया

मुंबई, राज्य ब्यूरो। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी कोंकण के भूस्खलनग्रस्त क्षेत्रों के दौरे पर क्या गए, शरद पवार सहित महाविकास आघाड़ी के अन्य नेता उन्हें नसीहत देने लग गए हैं। पवार ने कहा है कि ऐसी परिस्थिति में ज्यादा लोगों को समस्याग्रस्त क्षेत्रों का दौरा नहीं करना चाहिए। इससे राहत कार्य में बाधा आती है।

मंगलवार को मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए राकांपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि मेरा व्यक्तिगत तौर पर मानना है कि हम जैसे नेताओं को ऐसे क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए। जिससे लोगों को राहत पहुंचाने में लगे प्रशासन को अपना काम करने में दिक्कत न हो।

बता दें कि 22 जुलाई से चल रही बरसात के कारण कोंकण एवं पश्चिम महाराष्ट्र के आठ जिलों में बाढ़ एवं भूस्खलन से अब तक 207 लोग मारे जा चुके हैं। इस बरसात से 1,028 गांव एवं करीब दो लाख लोग प्रभावित हुए हैं। रत्नागिरी जिले के एक शहर चिपलूण में बाढ़ आने के बाद से ही बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में नेताओं के दौरे हो रहे हैं। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार सहित सभी जिलों के प्रभारी मंत्री इन क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। इसी कड़ी में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस एवं केंद्रीय मंत्री नारायण राणे भी भूस्खलन से बुरी तरह ध्वस्त हो चुके रायगढ़ के तलई गांव का दौरा करने जा चुके हैं। आज राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी भी भाजपा विधायक आशीष शेलार के साथ बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के दौरे पर गए थे।

शरद पवार की नेताओं को नसीहत

माना जा रहा है कि राज्यपाल के दौरे को ही निशाना बनाते हुए शरद पवार ने नेताओं को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में न जाने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री एवं प्रभावित जिलों के प्रभारी मंत्रियों को ही बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में जाने की जरूरत है। यदि इसके अलावा दूसरे नेता भी इन क्षेत्रों में जाते हैं, तो वे स्थानीय प्रशासन पर भार बनेंगे। पवार ने करीब 28 साल पहले लातूर में आए भूकंप की याद दिलाते हुए कहा कि उस समय (तब वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे) प्रधानमंत्री लातूर आना चाहते थे। लेकिन मैंने उन्हें कहा कि अभी 10 दिन यहां न आएं। आप आएंगे तो प्रशासन को अपना ध्यान आपके दौर पर लगाना पड़ेगा। मुझे खुशी है कि प्रधानमंत्री ने मेरी बात मानते हुए 10 दिन बाद लातूर का दौरा किया था। इसलिए मैं स्वयं ऐसी जगहों के दौर पर नहीं जाता हूं। पवार ने राज्य पर बाढ़ के रूप में आई भारी विपत्ति में केंद्र सरकार से महाराष्ट्र को मदद करने का आह्वान भी किया है।

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