Maharashtra FLOOD News: महाराष्ट्र में मानसूनी बारिश ने मचाया कहर, बाढ़ और भूस्‍खलन से भयंकर तबाही; 164 की मौत 100 लापता

Maharashtra FLOOD News महाराष्ट्र में मानसूनी बारिश के कारण आयी बाढ़ और लैंडस्‍लाइड से हालात बेहद खराब हैं। एनडीआरएफ की टीमें लगातार लोगों की मदद करने में जुटी हुई हैं। यहां अब तक 164 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 100 लोग लापता बताये जा रहे हैं।

Babita KashyapMon, 26 Jul 2021 10:06 AM (IST)
महाराष्ट्र में बाढ़, भूस्खलन और बारिश ने भयंकर तबाही मचा रखी है।सा

मुंबई, मिड डे/ एजेंसिंया। महाराष्ट्र में बाढ़, भूस्खलन और बारिश ने भयंकर तबाही मचा रखी है। यहां अब तक लगभग 164 लोगों की मौत हो चुकी है और 100 लोग लापता बताये जा रहे हैं। इन घटनाओं का शिकार होने के कारण 50 से अधिक लोग घायल भी हो चुके हैं। मिली जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे सतारा जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने जा रहे थे। हालांकि, दृश्यता कम होने के कारण उनका हेलीकॉप्टर कोयना हेलीपैड पर नहीं उतर सका। इसलिए यह पुणे हवाई अड्डे पर वापस आ गया है।

रायगढ़ डीएम के अनुसार महाराष्ट्र के रायगढ़ में भूस्खलन प्रभावित तलाई गांव में बचाव अभियान आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है। 31 लापता लोगों को उचित प्रक्रिया के बाद मृत घोषित किया जाएगा। एनडीआरएफ/एसडीआरएफ/टीडीआरएफ की राय लेने के बाद इन लापता लोगों की तलाश बंद कर दी गई है।

कोल्हापुर में एनडीआरएफ के सहायक कमांडेंट विक्रम ने बताया कि कोल्हापुर में एनडीआरएफ की छह टीमों को तैनात किया गया है। कल लगभग 1,500 लोगों को बचाया गया था। एनडीआरएफ नागरिक और जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। जल स्तर 2 फीट कम हो गया है, लेकिन अभी भी खतरे के स्तर पर है।

केडीआरएफ अधिकारी शुभांगी मधुकर ने बताया कि हम बाढ़ प्रभावित लोगों को बचाने और स्थानांतरित करने में सक्षम हैं, खासकर लड़कियों और महिलाओं को। हमने बीमार लोगों और गर्भवती महिलाओं को बचाया है। एक महिला बचाव दल की जरूरत है क्योंकि इससे हम छोटे बच्चों और माताओं को अधिक कुशलता से स्थानांतरित कर सकते हैं।

 

बीते रविवार को भी मुख्‍यमंत्री ठाकरे ने कोंकण क्षेत्र के रत्नागिरी जिले में भीषण बाढ़ से ग्रस्त चिपलून का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था। स्‍थानीय लोगों ने प्रधानमंत्री का काफिला रोक समस्‍याओं से रूबरू करवाया। राज्‍य में आई बाढ़ के कारण 875 गांव प्रभावित हुए हैं और अब तक कुल 2 लाख 30 हजार लोगों की जान बचायी जा चुकी है। 3248 जानवरों को भी सुरक्षित स्‍थान तक पहुंचाया गया है। राज्‍य के बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन सभी आवश्‍यक सेवाओं जैसे पानी और बिजली की आपूर्ति बहार कर रहा है। बाढ़ग्रस्‍त लोगों के लिए भोजन और दवा की व्‍यवस्‍था की गई है। स्‍कूलों को शेल्‍टर और उपचार केंद्रों में बदल दिया गया है।

राज्‍य के 875 गांव प्रभावित

महाराष्ट्र के सतारा जिले में अब तक 41 , रायगढ़ में 60, रत्‍नागिरी में 21, कोल्‍हापुर में सात, ठाणे में 12, सिंधुदुर्ग और पुणे में दो-दो तथा उपनगरीय मुंबई में चार लोगों की मौत की खबर है । राज्‍य के लगभग 875 गांव बाढ़ और भूस्‍खलन से प्रभावित हो चुके हैं। अब तक 2 लाख 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्‍थानों पर पहुंचाया जा चुका है।

Operation Varsha 21

भारतीय सेना ने सेंट्रल वॉर रूम तैयार किए हैं जिससे एयरफोर्स और नेवी के साथ तालमेल बना राहत और बचाव कार्य को अंजाम दिया जा सके। इसे Operation Varsha 21 नाम दिया गया है। इसके तहत तीनों सेनाएं स्थानीय प्रशासन और राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के साथ मिलकर काम करेंगे।

चिपलूण में जारी है राहत और बचाव कार्य

रत्नागिरी के सबसे ज्‍यादा बाढ़ प्रभावित चिपलूण शहर में एनडीआरएफ की 25 टीमें समेत एसडीआरएफ की चार, तटरक्षक बल की दो टीमें, नौसेना की पांच टीमें और सेना की तीन टीमें राहत और बचाव कार्यो में जुटी हुई हैं। चिपलूण को मुंबई से जोड़ने वाली वशिष्ठ नदी पर बना पुल टूट जाने के कारण यहां सड़क यातायात पूरी तरह से बंद है। रायगढ़ और रत्नागिरी में से प्रत्येक को महाराष्‍ट्र सरकार ने दो-दो करोड़ रुपये की आपातकालीन आर्थिक सहायता प्रदान की है। पहीं बाढ़ प्रभावित सतारा, कोल्हापुर, ठाणे, सांगली, पुणे,और सिंधुदुर्ग को 50-50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है।

 

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