Maharashtra: प्रख्यात लेखिका पद्मा सचदेव का मुंबई में निधन

Maharashtra लेखिका पद्मा सचदेव का मुंबई में निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को सुबह 10 बजे मुंबई के जोगेश्वरी (प.) में ही किया जाएगा। पद्मश्री व साहित्य अकादमी सहित कई अन्य साहित्यिक पुरस्कारों से सम्मानित 81 वर्षीय लेखिका पिछले कुछ समय से कई बीमारियों से ग्रस्त थीं।

Sachin Kumar MishraWed, 04 Aug 2021 09:28 PM (IST)
प्रख्यात लेखिका पद्मा सचदेव का मुंबई में निधन। फाइल फोटो

मुंबई, राज्य ब्यूरो। डोगरी की कवयित्री व हिंदी की कई विधाओं की लेखिका पद्मा सचदेव का बुधवार सुबह मुंबई में निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को सुबह 10 बजे मुंबई के जोगेश्वरी (प.) में ही किया जाएगा।पद्मश्री व साहित्य अकादमी सहित कई अन्य साहित्यिक पुरस्कारों से सम्मानित 81 वर्षीय लेखिका पिछले कुछ समय से कई बीमारियों से ग्रस्त थीं। वह मुंबई में अपनी बेटी के साथ रह रही थीं। बुधवार सुबह उनके निधन की खबर आने के बाद जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा व केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह सहित कई साहित्यकारों ने शोक व्यक्त किया है। 1940 में जम्मू के पुरमंडल गांव में संस्कृत विद्वान जयदेव बाडू के घर में जन्मी पद्मा सचदेव की डोगरी में लिखी पहली कविता उनकी 14 वर्ष की उम्र में ही प्रकाशित हो गई थी। 1966 में उनका विवाह शास्त्रीय गायक सुरिंदर सिंह से हुआ था। उनके डोगरी में आठ कविता संग्रह, तीन गद्य की पुस्तकें व हिंदी में विभिन्न विधाओं में 19 पुस्तकें प्रकाशित हैं। उनकी 11 अनूदित कृतियां भी प्रकाशित हो चुकी हैं। हिंदी फिल्मों के लिए भी उन्होंने कुछ गीत लिखे थे। उन्हें 2001 में पद्मश्री व 2007-08 में मध्य प्रदेश सरकार के कबीर सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।

गौरतलब है कि इससे पहले जुलाई, 2021 में रांची के नामकुम के रहने वाले खुद को मानवाधिकार कार्यकर्ता बताने वाले स्‍टेन स्‍वामी का निधन हो गया है। 84 वर्ष के स्‍टेन स्‍वामी की मुंबई में इलाज के दौरान मौत हो गई। वे भीमा कोरेगांव मामले में मुंबई की जेल में बंद थे। उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्‍या की साजिश रचने का भी आरोप है। भीमा कोरेगांव मामले में एनआइए यानि‍ राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी ने उनके नामकुम स्थित आवास से उनसे पूछताछ की थी। इस दौरान कई सामान बरामद किए गए थे। इसके बाद उन्‍हें एनआइए ने गिरफ्तार किया था और मुंबई ले जाया गया। तब से वे मुंबई की जेल में बंद थे। उन्‍होंने अपनी उम्र और बीमारी का हवाला देकर जमानत देने की गुहार लगाई थी। 

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