Maharashtra: अनिल देशमुख के मामले में सचिन वाझे के बाद परमबीर सिंह से ईडी करेगी पूछताछ

Maharashtra अनिल देशमुख पर सबसे पहले भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह से प्रवर्तन निदेशालय जल्द पूछताछ कर सकता है। फिलहाल ईडी मुंबई पुलिस के बर्खास्त हो चुके एपीआई सचिन वाझे से पूछताछ कर रही है।

Sachin Kumar MishraFri, 09 Jul 2021 08:27 PM (IST)
अनिल देशमुख के मामले में सचिन वाझे के बाद परमबीर सिंह से ईडी करेगी पूछताछ। फाइल फोटो

राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर सबसे पहले भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जल्द पूछताछ कर सकता है। फिलहाल, ईडी मुंबई पुलिस के बर्खास्त हो चुके एपीआई सचिन वाझे से पूछताछ कर रही है। वाझे से पूछताछ शनिवार को भी जारी रहेगी। ईडी ने परमबीर सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया है। परमबीर ने स्वास्थ्य कारणों से कुछ दिन बाद ईडी के सामने हाजिर होने की अनुमति मांगी है। माना जा रहा है कि ईडी महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री पर शिकंजा कसने के लिए उन पर आरोप लगाने वाले सभी लोगों से पूछताछ कर तथ्य जुटा रही है। अनिल देशमुख पर सबसे पहले परमबीर सिंह ने ही 100 करोड़ रुपये प्रतिमाह की वसूली का टार्गेट देने का आरोप लगाया था।

उन्होंने यह आरोप मुख्यमंत्री को लिखे अपने लंबे पत्र में तब लगाया था, जब मुंबई के पुलिस आयुक्त पद से उन्हें हटाए जाने के बाद तत्कालीन गृहमंत्री देशमुख ने एक टेलीविजन चैनल को दिए साक्षात्कार में यह कहकर सनसनी पैदा कर दी थी कि परमबीर सिंह को उनकी जिम्मेदारियां ठीक से नहीं निभा पाने के कारण उनके पद से हटाया गया है। परमबीर को मुंबई के पुलिस आयुक्त पद से हटाकर महाराष्ट्र के डीजी होमगार्ड्स की जिम्मेदारी दे दी गई थी। परमबीर ने मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में साफ-साफ आरोप लगाया था कि देशमुख पुलिस अधिकारियों को अपने सरकारी आवास पर बुलाकर उन्हें मुंबई के बारों व रेस्टोरेंटों से हर महीने 100 करोड़ रुपये वसूलने का टार्गेट देते थे। परमबीर ने इस पत्र में एपीआई सचिन वाझे सहित दो अन्य पुलिस अधिकारियों के नामों का उल्लेख किया था। उन्होंने उन दो पुलिस अधिकारियों के साथ हुई अपनी वॉट्सएप चैट के फोटो भी पत्र में लगाए थे। बाद में एनआइए कोर्ट को लिखे अपने हस्तलिखित पत्र में सचिन वाझे ने भी परमबीर के आरोपों की पुष्टि की थी।

अब तक ईडी की जांच में यह तथ्य सामने आ चुका है कि सचिन वाझे ने मुंबई के बारों से 4.70 करोड़ रुपये वसूले व यह राशि अनिल देशमुख के दो सहयोगियों के जरिए देशमुख तक पहुंची। फिर हवाला के माध्यम से दिल्ली स्थित कुछ कागजी कंपनियों को भेजी गई। फिर उन कंपनियों ने 4.18 करोड़ रुपये देशमुख के एक पारिवारिक ट्रस्ट को दान स्वरूप भेज दिए। इस ट्रस्ट के अध्यक्ष खुद अनिल देशमुख हैं। ईडी इस मामले में अब तक जिन बार मालिकों से पैसे वसूले गए उनके, जिन कागजी कंपनियों को हवाला के जरिए पैसा भेजा गया, उनके मालिकों के, तथा अनिल देशमुख के उन दो सहयोगियों के बयान दर्ज कर चुकी है, जिनके सामने देशमुख ने सचिन वाझे को वसूली का आदेश दिया था, और वसूली के बाद वाझे ने जिन्हें यह राशि सौंपी थी।

अब ईडी सचिन वाझे व परमबीर से पूछताछ करके अपनी जांच की कड़ी पूरी करना चाहती है। इसी कड़ी में गुरुवार व शुक्रवार को तलोजा जेल में सचिन वाझे से ईडी पूछताछ कर चुकी है। वाझे से पूछताछ शनिवार को भी जारी रहेगी। वाझे मुकेश अंबानी के घर के बाहर जिलेटिन लदी स्कार्पियो खड़ी पाए जाने व इसके कुछ ही दिन बाद इस स्कार्पियो के कथित मालिक की हत्या के मामले में एनआइए की गिरफ्त में है। इसके बाद परमबीर सिंह से भी ईडी पूछताछ करेगी, ताकि पूर्व गृहमंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप में शिकंजा और कसा जा सके। लेकिन सत्तारूढ़ महाविकास अघाड़ी के नेताओं पर ईडी और सीबीआइ की ये कार्रवाइयां कांग्रेस, शिवसेना व राकांपा को रास नहीं आ रही हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा है कि केंद्र सरकार ने ईडी व सीबीआइ जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों का महत्व घटा दिया है। अब कोई उनकी परवाह नहीं करता। 

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