ईडी के छापे से बेशक शिवसेना तिलमिलाई मगर जांच में गहरे फंस सकते हैं शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक

ईडी की छापेमारी सुरक्षा उपलब्ध करानेवाली निजी क्षेत्र की कंपनी टाप्स ग्रुप के विरुद्ध दर्ज एक मामले में हुई थी।

यह मामला टाप्स ग्रुप के ही एक पूर्व अधिकारी रमेश रामकृष्ण अय्यर की शिकायत पर मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने दर्ज किया है। इसके अलावा सरकार की एक संस्था एमएमआरडीए को टाप्स समूह द्वारा 100 करोड़ से ज्यादा का नुकसान पहुंचाए जाने का भी आरोप लगाया है उन्होंने।

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 09:32 PM (IST) Author: Vijay Kumar

ओमप्रकाश तिवारी, मुंबई : शिवसेना विधायक पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के छापे को लेकर शिवसेना भले तिलमिलाई दिख रही हो, लेकिन इस मामले में ईडी की जांच विधायक प्रताप सरनाईक और उनके बेटों पर भारी पड़ सकती है। इसकी शुरुआत सरनाईक के एक करीबी की गिरफ्तारी से हो चुकी है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के करीबी समझे जानेवाले प्रताप सरनाईक के ठिकानों पर मंगलवार को हुई ईडी की छापेमारी सुरक्षा उपलब्ध करानेवाली निजी क्षेत्र की कंपनी टाप्स ग्रुप के विरुद्ध दर्ज एक मामले में हुई थी। 

मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने दर्ज किया ये मामला 

यह मामला टाप्स ग्रुप के ही एक पूर्व अधिकारी रमेश रामकृष्ण अय्यर की शिकायत पर मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने दर्ज किया है। उसने पुलिस को ढेरों सबूत भी दे रखे हैं। अय्यर का दावा है कि टाप्स सिक्योरिटी ने अपने ही ग्रुप की दूसरी कंपनियों से गैरकानूनी तरीकों से उधार लेकर लंदन में संपत्तियां खरीदीं। इसके अलावा राज्य सरकार की एक संस्था एमएमआरडीए को टाप्स समूह द्वारा 100 करोड़ से ज्यादा का नुकसान पहुंचाए जाने का भी आरोप लगाया है उन्होंने। 

सुरक्षा प्रदान करने का करार करके भी अपना काम नहीं किया

उनका कहना है कि टाप्स समूह ने एमएमआरडीए के साथ सुरक्षा प्रदान करने का करार करके भी उसने अपना काम नहीं किया, और एमएमआरडीए से पैसे लेती रही। एमएमआरडीए का यह ठेका टाप्स सिक्योरिटी को राजनीतिक रसूख के कारण हासिल हुआ। माना जाता है कि यह राजनीतिक रसूख टाप्स ग्रुप के संस्थापक राहुल नंदा को प्रताप सरनाईक के कारण प्राप्त हुआ। 

ईडी का सरनाईक के ठिकानों पर छापा, निवेश से इंकार : नंदा 

राहुल नंदा स्वीकार कर चुके हैं कि प्रताप सरनाईक से उनकी पुरानी मित्रता रही है। हालांकि वह इस बात से इंकार करते हैं कि सरनाईक ने उनकी कंपनियों में किसी तरह का निवेश किया है। लेकिन ईडी का सरनाईक के ठिकानों पर छापा एवं उनके बेटे से पूछताछ के पीछे ठोस कारण ही हो सकते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस कहते हैं कि ईडी बिना ठोस सबूत के किसी पर इस तरह की कार्रवाई नहीं करती। 

ईडी की पूछताछ से भागने पर सवाल खड़े कर रहे हैं पूर्व सांसद 

भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया भी प्रताप सरनाईक के ईडी की पूछताछ से भागने पर सवाल खड़े कर रहे हैं। क्योंकि जिस दिन सरनाईक के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी हुई उस दिन सरनाईक घर पर नहीं थे। शाम को लौटे भी तो अगले दिन से क्वारंटाईन हो गए हैं। लेकिन ईडी ने सरनाईक के एक करीबी अमित चंदोले को बुधवार देर रात गिरफ्तार कर अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। हालांकि अमित पर आरोप क्या हैं, इसका खुलासा ईडी ने फिलहाल नहीं किया है।

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