Maharashtra: ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर देवेंद्र फडणवीस से मिले छगन भुजबल

Maharashtra ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर महाविकास अघाड़ी सरकार के वरिष्ठ मंत्री छगन भुजबल ने नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस से उनके घर जाकर मुलाकात की। भुजबल ने फडणवीस से कहा कि वे केंद्र सरकार से ओबीसी का इंपीरिकल डाटा लेकर आएं।

Sachin Kumar MishraThu, 15 Jul 2021 08:38 PM (IST)
ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर देवेंद्र फडणवीस से मिले छगन भुजबल। फाइल फोटो

राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को स्थानीय निकाय चुनावों में राजनीतिक आरक्षण बहाल कराने के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए वीरवार को महाविकास अघाड़ी सरकार के वरिष्ठ मंत्री छगन भुजबल ने नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस से उनके घर जाकर मुलाकात की। भुजबल ने फडणवीस से कहा कि वे केंद्र सरकार से ओबीसी का इंपीरिकल डाटा (वास्तविक आंकड़ा) लेकर आएं, ताकि ओबीसी समुदाय का राजनीतिक आरक्षण बहाल करवाया जा सके। दक्षिण मुंबई के मलाबार हिल्स क्षेत्र में छगन भुजबल व फडणवीस पड़ोसी हैं। गुरुवार सुबह महाविकास अघाड़ी सरकार के नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल अपने रामटेक बंगले के निकट स्थित देवेंद्र फडणवीस के सागर बंगले पर गए और उनसे ओबीसी का नेतृत्व संभालने का आग्रह किया।

भुजबल के अनुसार, उन्होंने फडणवीस से कहा कि वह केंद्र सरकार से महाराष्ट्र के ओबीसी का इंपीरिकल डाटा ले आएं, ताकि राज्य सरकार उसके आधार पर ओबीसी समुदाय का राजनीतिक आरक्षण बहाल करवा सके। बात में पत्रकारों से बात करते हुए फडणवीस ने कहा कि ओबीसी का राजनीतिक आरक्षण बहाल करवाने के लिए सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है। इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। मैंने भुजबल से कहा कि वह इस मामले में ओबीसी समुदाय की अगुवाई करें। मुझसे जो भी मदद हो सकेगी मैं करूंगा। पिछले सप्ताह दो दिन के विधानमंडल सत्र के दौरान छगन भुजबल अपना वक्तव्य देते हुए यही मांग केंद्र सरकार से उठा रहे थे, जब सदन में हंगामा शुरू हो गया था। जिसके बाद भाजपा के 12 विधायकों को साल भर के लिए निलंबित कर दिया गया है। महाराष्ट्र में छगन भुजबल राकांपा में रहते हुए भी महात्मा फुले समता परिषद नामक संगठन बनाकर अन्य पिछड़ा वर्ग की राजनीतिक करते रहे हैं। ओबीसी की राजनीति में भाजपा के स्वर्गीय नेता गोपीनाथ मुंडे भी भुजबल को अपना नेता मानते थे।

दूसरी ओर, देवेंद्र फडणवीस ने वीरवार को पत्रकारों से बात करते हुए विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने की प्रक्रिया में राज्य सरकार द्वारा बदलाव किए जाने की संभावना पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जब सरकार के पास बहुमत है, तो उसे प्रत्यक्ष मतदान के जरिए विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में क्या परेशानी है? महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष का पद फरवरी में इस पद से नाना पटोले के त्यागपत्र के बाद से ही खाली है। विपक्षी दल भाजपा लगातार यह पद भरने का दबाव बनाता आ रहा है। अब यह सुनने में आ रहा है कि महाविकास अघाड़ी सरकार प्रत्यक्ष मतदान के जरिए अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया में बदलाव करने की योजना बना रही है। फडणवीस ने यह भी दोहराया कि यह सरकार जल्दी ही अपने ही भार से गिर जाएगी। ऐसा होने पर उनकी पार्टी राज्य को वैकल्पिक सरकार देने में सक्षम होगी। 

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