Maharashtra: अनिल देशमुख की याचिका एकल पीठ सुने या खंडपीठ, हाई कोर्ट करेगा फैसला

Maharashtra ईडी की ओर से पेश सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाई कोर्ट रजिस्ट्री की ओर से जारी एक नोट की ओर अदालत का ध्यान आकर्षित किया। इसमें कहा गया था कि याचिका पर खंडपीठ को सुनवाई करनी चाहिए।

Sachin Kumar MishraThu, 09 Sep 2021 07:31 PM (IST)
अनिल देशमुख की याचिका एकल पीठ सुने या खंडपीठ, हाई कोर्ट करेगा फैसला। फाइल फोटो

मुंबई, प्रेट्र। बांबे हाई कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह 13 सितंबर को इस बात पर फैसला करेगा कि महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की याचिका पर एकल पीठ सुनवाई करे या खंडपीठ। देशमुख ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से उन्हें जारी पांच समन को रद करने की मांग की है। गुरुवार को जब जस्टिस एसके शिंदे की एकल पीठ के समक्ष याचिका सुनवाई के लिए आई तो ईडी की ओर से पेश सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाई कोर्ट रजिस्ट्री की ओर से जारी एक नोट की ओर अदालत का ध्यान आकर्षित किया। इसमें कहा गया था कि याचिका पर खंडपीठ (दो जजों की पीठ) को सुनवाई करनी चाहिए। मेहता ने कहा कि अगर रजिस्ट्री ने आपत्ति की है तो पहले इसका निराकरण होना चाहिए क्योंकि याचिका के कुछ मसलों और चुनौतियों पर एकल पीठ शायद फैसला न कर पाए।' देशमुख की ओर से पेश वरिष्ठ वकीलों ने इसका विरोध किया।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के विरुद्ध चल रही सीबीआइ जांच में उन्हें फर्जी क्लीन चिट देने के मामले में सीबीआइ ने अपने ही एक सब इंस्पेक्टर अभिषेक तिवारी व देशमुख के वकील आनंद डागा को गिरफ्तार किया था। इसके बाज दिल्ली की विशेष सीबीआइ अदालत ने दोनों आरोपितों को दो दिन की सीबीआइ रिमांड पर भेज दिया है। इस मामले में देशमुख के दामाद गौरव चतुर्वेदी को भी उनके घर से हिरासत में लिया गया था। उन्हें पूछताछ के बाद फिलहाल घर जाने दिया गया है। पिछले सप्ताह कुछ चैनलों ने देशमुख को सीबीआइ द्वारा क्लीनचिट दिए जाने की खबर बहुत जोरों से प्रचारित की। इस खबर का खंडन करते हुए सीबीआइ ने इस विषय की भी जांच शुरू कर दी।

सीबीआइ ने नागपुर स्थित वकील आनंद डागा को बुधवार शाम गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली से सीबीआइ के सब इंस्पेक्टर अभिषेक तिवारी को भी इसी सिलसिले में गिरफ्तार किया गया। साथ ही, अनिल देशमुख के दामाद चतुर्वेदी को उनके मुंबई के वरली स्थित घर से हिरासत में लेकर बांद्रा-कुर्ला काम्प्लेक्स स्थित सीबीआइ कार्यालय में पूछताछ के लिए ले जाया गया। हालांकि कुछ घंटों बाद उन्हें घर जाने दिया गया। माना जा रहा है कि क्लीन चिट वाले मामले के सूत्रधार चतुर्वेदी ही थे। वकील अनिल डागा को बुधवार-गुरुवार की मध्यरात्रि गिरफ्तार कर रात में ही स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड हासिल कर सुबह दिल्ली लाया गया था।

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