Maharashtra: परमबीर सिंह के खिलाफ जबरन वसूली का एक और मामला दर्ज

Maharashtra परमबीर सिंह के खिलाफ जबरन वसूली का एक और मामला दर्ज किया है। परमबीर के खिलाफ यह कुल मिलाकर चौथा और मुंबई में दूसरा मामला दर्ज किया गया है। दो अन्य मामले ठाणे में दर्ज किए गए हैं। ये सभी मामले एक महीने के भीतर दर्ज किए गए हैं।

Sachin Kumar MishraSat, 21 Aug 2021 06:47 PM (IST)
परमबीर सिंह के खिलाफ जबरन वसूली का एक और मामला दर्ज। फाइल फोटो

मुंबई, प्रेट्र। मुंबई पुलिस ने शहर के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के खिलाफ जबरन वसूली का एक और मामला दर्ज किया है। परमबीर के खिलाफ यह कुल मिलाकर चौथा और मुंबई में दूसरा मामला दर्ज किया गया है। दो अन्य मामले ठाणे में दर्ज किए गए हैं। ये सभी मामले एक महीने के भीतर दर्ज किए गए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि हालिया एफआइआर शुक्रवार रात गोरेगांव पुलिस स्टेशन में एक बिल्डर बिमल अग्रवाल की शिकायत पर दर्ज की गई। इस मामले में बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाझे और चार अन्य लोगों- सुमित सिंह उर्फ चिंटू, अल्पेश पटेल, विनय सिंह उर्फ बबलू और रियाज भाटी को भी आरोपित बनाया गया है। अग्रवाल ने अपनी शिकायत में कहा है कि आरोपितों ने साझेदारी में चलाए जाने वाले उसके बार और रेस्तरां पर छापेमारी नहीं करने के बदले उससे नौ लाख रुपये वसूले।

इसके अलावा उन्होंने अपने लिए लगभग 2.92 लाख रुपये का दो स्मार्ट फोन खरीदने के लिए भी उन्हें मजबूर किया। यह घटना जनवरी 2020 से मार्च 2021 की है। अधिकारी ने बताया कि यह मामला आइपीसी की धाराओं-384 और 385 (दोनों जबरन वसूली से संबंधित) तथा 34 (साझा इरादा) के तहत दर्ज किया गया है। सभी छह आरोपितों के खिलाफ जांच की जा रही है। परमबीर सिंह फिलहाल महानिदेशक होमगार्ड के पद पर तैनात हैं। हालांकि, वह दफ्तर नहीं जा रहे हैं, क्योंकि मई महीने से उन्होंने छुट्टी ले रखी है।

गौरतलब है कि हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अगुआई वाले जांच आयोग ने मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह पर 25000 रुपये का जुर्माना लगाया था। पूर्व पुलिस आयुक्त आयोग के सामने पेश नहीं हुए। इससे पहले जून में आयोग पूर्व पुलिस आयुक्त पर 5000 रुपये का जुर्माना लगा चुका है। महाराष्ट्र सरकार ने इस साल मार्च में जस्टिस (सेवानिवृत्त) कैलाश उत्तमचंद चांदिवाल की अगुआई वाले एक सदस्यीय आयोग का गठन किया। यह आयोग परमबीर सिंह द्वारा राज्य के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए गठित किया गया। एक सरकारी वकील ने गुरुवार को कहा कि पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त के बुधवार को आयोग के सामने पेश होने में विफल रहने के बाद 25000 रुपये जुर्माना लगाया गया है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.