Lockdown: अजीत पवार बोले, महाराष्ट्र में कोरोना प्रतिबंधों का पालन नहीं करने पर लग सकता है लॉकडाउन

Lockdown अजीत पवार ने कहा कि अगर लोग वर्तमान में लगाए गए कोरोना प्रतिबंधों का पालन नहीं करते हैं तो हमें पिछले साल की तरह लॉकडाउन लगाना पड़ सकता है। उनके मुताबिक निजी अस्पतालों में संक्रमण की गंभीरता की परवाह किए बिना डॉक्टर रेमेडिसविर का प्रयोग कर रहे हैं।

Sachin Kumar MishraFri, 16 Apr 2021 10:18 PM (IST)
अजीत पवार बोले, महाराष्ट्र में कोरोना प्रतिबंधों का पालन नहीं करने पर लग सकता है लॉकडाउन। फाइल फोटो

मुंबई, एएनआइ। Lockdown: महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने शुक्रवार को कहा कि अगर लोग वर्तमान में लगाए गए कोरोना प्रतिबंधों का पालन नहीं करते हैं तो हमें पिछले साल की तरह लॉकडाउन लगाना पड़ सकता है। उनके मुताबिक, निजी अस्पतालों में संक्रमण की गंभीरता की परवाह किए बिना डॉक्टर रेमेडिसविर का प्रयोग कर रहे हैं। मैं डॉक्टरों से केवल महत्वपूर्ण मामलों में रेमेडिसविर का उपयोग करने का अनुरोध करता हूं और इसे व्यवस्थित करने के लिए कुछ भी करने की आवश्यकता नहीं है। हम उस पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी विधायकों व एमएलसी को अपने निर्वाचन क्षेत्र में कोरोना से संबंधित कार्यों के लिए अपने वार्षिक कोष से एक करोड़ का उपयोग करने की अनुमति दी गई है। हमने उन्हें पिछले साल के लिए अपने वार्षिक फंड से 50 लाख रुपये का उपयोग करने की अनुमति दी थी।

इधर, बांबे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने कहा है कि प्रयोगशालाओं को आरटी-पीसीआर रिपोर्ट लोगों को तुरंत वॉट्सएप के जरिये या हार्ड कापी के रूप में दे देना चाहिए। अदालत ने एक डॉक्टर मुकेश चांडक की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। चांडक ने अपनी याचिका में कहा था कि लोगों को अपनी रिपोर्ट हासिल करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जब तक जांच रिपोर्ट भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के पोर्टल पर अपलोड नहीं हो जाती है, तब तक जांच केंद्र इसे लोगों के साथ साझा नहीं करते हैं। कई बार आइसीएमआर का सर्वर काफी धीमा होता है, जिसके चलते लोगों को रिपोर्ट हासिल करने में परेशानी होती है। इस पर जस्टिस जेडए हक और एबी बोरकर की पीठ ने कहा, हम निर्देश देते हैं कि वाट्सएप के माध्यम से रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। संक्रमित लोगों की रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर आइसीएमआर के पोर्टल पर अपलोड की जाए। जो लोग संक्रमित नहीं हैं, उनकी रिपोर्ट सात दिनों के भीतर अपलोड की जानी चाहिए।

वहीं, केंद्र सरकार ने मुंबई के हाफकिन इंस्टीट्यूट में कोवैक्सीन के उत्पादन की अनुमति दे दी है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार को इस संबंध में पत्र लिखकर अनुरोध किया था।कोवैक्सीन को हैदराबाद की फर्म भारत बायोटेक ने विकसित किया है और वही इसका उत्पादन भी कर रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव रेणु स्वरूप ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव सीताराम कुंटे को मंजूरी का पत्र भेजा है। विशेषज्ञों की हरी झंडी के बाद हाफकिन बायो फार्मास्युटिकल कॉरपोरेशन लिमिटेड में कोवैक्सीन के निर्माण की अनुमति दी गई है। केंद्र सरकार ने राज्य को सालभर तक टीके के उत्पादन की अनुमति दी है। मुख्यमंत्री ठाकरे ने मुख्य सचिव को निगरानी और उत्पादन के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति का निर्देश दिया है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.