Maharashtra Rain: पश्चिम महाराष्ट्र में 90 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, NDRF ने 52 शव निकाले, अब भी दर्जनों लापता

Maharashtra Rain बारिश के कारण बाढ़ग्रस्त पश्चिम महाराष्ट्र के तीन जिलों से 90000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। दूसरी ओर गुरुवार को कई स्थानों पर हुए भूस्खलन की घटनाओं में अभी भी दर्जनों लोग लापता हैं।

Sachin Kumar MishraSat, 24 Jul 2021 08:29 PM (IST)
पश्चिम महाराष्ट्र में 90000 को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, भूस्खलन में अब भी दर्जनों लापता। फाइल फोटो

राज्य ब्यूरो, मुंबई। पिछले चार दिनों से हो रही मूसलधार बारिश के कारण बाढ़ग्रस्त पश्चिम महाराष्ट्र के तीन जिलों से 90,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। दूसरी ओर गुरुवार को कई स्थानों पर हुई भूस्खलन की घटनाओं में अब भी दर्जनों लोग लापता हैं। राहत एवं बचाव में लगी एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं नौसेना की टीमें उन्हें तलाशने में लगी हैं। एनडीआरएफ ने अब तक 52 शवों को निकाला है। भारी बारिश के कारण पश्चिम महाराष्ट्र के कोल्हापुर, सांगली एवं सतारा जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। सतारा जिला स्थित हिल स्टेशन महाबलेश्वर में पिछले चार दिनों में 1,859 मिमी. बारिश रिकार्ड की गई है। पश्चिम महाराष्ट्र एवं उससे सटे कोंकण क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश हुई है।

इस कारण इस क्षेत्र की दो प्रमुख नदियां कृष्णा एवं कोयना उफान पर हैं। इन नदियों का जलस्तर बढ़ने से कोल्हापुर, सांगली एवं सतारा में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। इन जिलों के सैकड़ों गांव जलमग्न हैं। अब तक बाढ़ग्रस्त सांगली से 42,573, कोल्हापुर से 40,882 एवं सतारा से 734 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। कोल्हापुर में पंचगंगा नदी के राजाराम बांध का जलस्तर कल के 56.3 फुट से कुछ नीचे आया है। लेकिन स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। राज्य के जल आपूर्ति मंत्री जयंत पाटिल के अनुसार कर्नाटक ने अपने अलमाट्टी बांध से पानी छोड़ना शुरू कर दिया है। इससे कोल्हापुर में बाढ़ की स्थिति में एक-दो दिन में सुधार हो सकता है।

बता दें कि पश्चिम महाराष्ट्र से जल का बहाव कर्नाटक के अलमाट्टी बांध की ओर होता है। लोगों को बाढ़ से राहत दिलाने के लिए एनडीआरएफ की तीन और यूनिट एवं सेना की एक यूनिट कोल्हापुर पहुंच गई हैं। केंद्र की ओर से एनडीआरएफ की चार और टीमें कोल्हापुर पहुंच रही हैं। दूसरी ओर कोंकण एवं पश्चिम महाराष्ट्र के जिलों में बुधवार एवं गुरुवार को हुई भूस्खलन की घटनाओं में अब भी दर्जनों लोग लापता बताए जा रहे हैं। रत्नागिरी के खेड़ गांव में अभी 13, सतारा के आंबेघर में छह एवं रायगढ़ के तालिये गांव में 41 लोग लापता हैं। भूस्खलन से तालिये गांव ही सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है। यहां अब तक 41 शव निकाले जा चुके हैं। आइएएनएस के अनुसार, महाराष्ट्र के नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने एलान किया कि राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को मुफ्त खाद्य सामग्री और केरोसिन मुहैया कराएगी।

प्रत्येक व्यक्ति का समुचित पुनर्वास सुनिश्चित करेगी सरकार : उद्धव

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शनिवार को मुख्य सचिव सीताराम कुंटे एवं कुछ अन्य मंत्रियों के साथ तालिये गांव का दौरा किया। उन्होंने गांव के लोगों से कहा कि आपने बड़ी विपदा सही है। अब आप अपना ख्याल रखिए। बाकी सब सरकार पर छोड़ दीजिए। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक व्यक्ति का समुचित पुनर्वास हो और उसे हुए नुकसान की भरपाई की जा सके। बता दें कि राज्य की गृहनिर्माण संस्था म्हाडा की ओर से तालिये गांव के नष्ट हुए घरों को पुन: बसाने की घोषणा की गई है। प्रेट्र के अनुसार, ठाकरे ने कहा कि भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार पहाड़ी इलाके में रहने वाले लोगों को अन्य स्थानों पर स्थायी रूप से बसाने के लिए योजना बनाएगी।

राष्ट्रपति ने महाराष्ट्र के राज्यपाल से बात की

नई दिल्ली, प्रेट्र : राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने शनिवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से बात की और राज्य में बारिश एवं बाढ़ के कारण जान-माल के नुकसान पर चिंता जताई। राष्ट्रपति भवन ने कहा कि राज्यपाल ने लोगों की परेशानियां कम करने के लिए किए जा रहे बचाव एवं राहत के कार्यो से राष्ट्रपति को अवगत कराया।

 

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