Mumbai Coronavirus: नालासोपारा के अस्‍पताल में 3 घंटे में 7 कोविड मरीजों की मौत के बाद हंगामा, परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप

मुंबई के नालासोपारा अस्‍पताल में 3 घंटे में 7 कोविड मरीजों की मौत के बाद हंगामा

Coronavirus नालासोपारा पूर्व में विनायक अस्पताल के ICU में भर्ती सात कोविड मरीजों 3 घंटे के अंदर मौत हो गई। मौत का कारण अस्‍पताल में ऑक्‍सीजन की आपूर्ति की कमी बताया जा रहा है। मृतकों के परिजनों ने अस्‍पताल प्रशासन परआरोप लगाते हुए विरोध जताया।

Babita KashyapTue, 13 Apr 2021 08:27 AM (IST)

मुंबई, मिड डे। नालासोपारा पूर्व में विनायक अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में भर्ती सात कोविड मरीजों की सोमवार को तीन घंटे के भीतर मौत हो गई। जहां परिजनों ने आरोप लगाया कि ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी के कारण मौतें हुई हैं, वहीं अस्पताल प्रशासन ने कहा कि मरीज गंभीर हालत में थे। मृतकों के परिजनों का कहना है कि प्रशासन ने उन्हें ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी के बारे में सूचित नहीं किया।

 मृतकों के परिवार के सदस्य अस्पताल के बाहर जमा हो गए और विरोध जताया, मौत के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उत्तेजित भीड़ को खदेड़ने के लिए पास के तुलिंज पुलिस स्टेशन के अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। बता दें कि इससे पहले भी मिड-डे ने 10 अप्रैल को वसई विरार और नालासोपारा के अस्‍पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति की कमी के बारे में बताया था । इसकी वजह से ही यहां के गंभीर हालत में भर्ती मरीजों को दूसरी जगह भर्ती करवाने के लिए मजबूर किया जा रहा था।

विनायक अस्पताल में मरने वाले रोगियों में 52 वर्षीय राम बाबू वर्मा, 55 वर्षीय रंजनबेन शाह और 52 वर्षीय रिजवान कादरी थे। दर्जी का काम करने वाले वर्मा को 5 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह हृदय रोग से पीड़ित थे। रंजनबेन शाह को एक सप्ताह पहले भर्ती कराया गया था। उनके परिजनों ने बताया कि  "हमें लगा कि अगर हम उसे विनायक अस्पताल में भर्ती कर देंगे तो वह ठीक हो जाएगी।"लेकिन डॉक्टरों ने मरीजों की उचित देखभाल नहीं की। ऑक्सीजन की भारी कमी है, लेकिन अस्पताल प्राधिकरण ने हमें अंधेरे में रखा।

अस्‍पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे एक व्‍यक्ति ने बताया कि “मैंने देखा कि एक कर्मचारी एम्बुलेंस से ऑक्सीजन सिलेंडर उतार रहा है और अस्पताल के अंदर भाग रहा है। अगर कोई कमी नहीं थी, तो उसने अपनी वैन से ऑक्सीजन सिलेंडर क्यों लिया? "मलाड की रहने वाली कादरी मलाड  अपने फेफड़ों के संक्रमण और गंभीर निमोनिया के इलाज के लिए लगभग 10 दिन पहले विनायक अस्पताल में भर्ती हुई थीं।

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