Madhya Pradesh: मप्र में बसपा की बहुजन वालंटियर फोर्स की वर्दी फंसी विवाद में

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश के सीधी में पार्टी के जिलाध्यक्ष रामखेलावन रजक ने फोर्स के पांच वालंटियर के लिए जो वर्दी बनवाई वह यातायात पुलिस के आरक्षक और प्रधान आरक्षकों की वर्दी से मिलती- जुलती है। इस पर पदस्थापना के हिसाब से स्टार भी लगाए गए हैं।

Sachin Kumar MishraSat, 04 Dec 2021 07:46 PM (IST)
मप्र में बसपा की बहुजन वालंटियर फोर्स की वर्दी फंसी विवाद में। फोटो इंटरनेट मीडिया

जबलपुर, जेएनएन। मध्य प्रदेश के सीधी जिले में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की बहुजन वालंटियर फोर्स की वर्दी विवादों में फंसती नजर आ रही है। यह यातायात पुलिस की वर्दी (सफेद शर्ट, नीली पैंट, काले जूते) जैसी ही है। जब पार्टी पदाधिकारी यह वर्दी पहनाकर वालंटियर को पुलिस अधिकारियों के पास अनुमति मांगने गए तो उन्होंने इसे अनुचित ठहरा दिया। तर्क दिया कि उनकी और यातायात पुलिस कर्मियों की वर्दी एक जैसी है, जिससे लोग भ्रमित हो सकते हैं। वहीं, बसपा नेताओं का कहना है कि यह वर्दी और बहुजन वालंटियर फोर्स तो बसपा के संस्थापक स्व. कांशीराम के समय से है। मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में प्रभाव रखने वाली बसपा ने सीधी जिले में उत्तर प्रदेश की तर्ज पर इस फोर्स का गठन करना शुरू किया।

जानें, क्या है मामला

सीधी में पार्टी के जिलाध्यक्ष रामखेलावन रजक ने फोर्स के पांच वालंटियर के लिए जो वर्दी बनवाई, वह यातायात पुलिस के आरक्षक और प्रधान आरक्षकों की वर्दी से मिलती- जुलती है। इस पर पदस्थापना के हिसाब से स्टार भी लगाए गए हैं। वालंटियर को उनकी पदस्थापना जिला, विधानसभा और सेक्टर के अनुसार क्रमश: तीन, दो और एक स्टार भी वर्दी पर लगाने के लिए दिए गए। बसपा नेताओं का दावा है कि उनकी यह फोर्स पीड़ित और वंचित लोगों को न्याय दिलाएगी। सीधी की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजूलता पटले का कहना है कि वालंटियर नियुक्ति मामले में संबंधित लोगों से अधिकृत पत्र मांगा है। उनसे कहा गया है कि वे यातायात पुलिस कर्मियों जैसी वर्दी धारण न करें। इससे लोगों को भ्रम होगा। यदि वे इसे धारण करेंगे तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभी तक उनके द्वारा कोई पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया है।

जानें, किसने क्या कहा

सीधी पुलिस मामले की जांच कर रही है। कोई भी राजनीतिक दल वालंटियर बना सकता है। बशर्तें वे पुलिस के नियमों के आड़े न आएं।

- केपी वेंकटेश्वरा राव, आइजी, रीवा रेंज।

पुलिस को जानकारी होनी चाहिए कि यह कोई नई परंपरा नहीं है। कांशीराम के समय इस फोर्स का गठन हुआ था और उस समय से ही यही वर्दी है। हमने अपने नेताओं की सुरक्षा, कार्यक्रम में महिलाओं, बुजुर्गो की सेवा के लिए यह फोर्स बनाई है। यह उत्तर प्रदेश व देश के अन्य प्रदेशों में भी है।

- रमाकांत पिप्पल, प्रदेश अध्यक्ष, बसपा।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.