एडवेंचर ट्रिप के लिए भानगढ़ जाने से पहले जान लें ये रहस्यमयी बातें

इतिहासकारों की मानें तो गुरु बालू नाथ नामक सन्यासी के शाप के चलते खूबसूरत भानगढ़ आज भूतों की हवेली बन गई है। भानगढ़ किले पर पूर्व में गुरु बालू ध्यान करते थे। तत्कालीन राजा भानगढ़ में किला बनाना चाहता था।

Pravin KumarSun, 03 Oct 2021 03:59 PM (IST)
यह बेहद दिलचस्प है कि भानगढ़ किले के आसपास इलाकों में किसी भी घर के ऊपर छत नहीं है।

दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। भानगढ़ अपनी ऐतिहासिक वास्तुकला के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। साथ ही यह किला अनसुलझे रहस्यों के लिए भी जाना जाता है। वर्तमान में यह किला खंडहर रूप में अवस्थित है। सरकार द्वारा सूर्यास्त के बाद भानगढ़ किले में जाने की सख्त मनाही है। इसके लिए भानगढ़ किले के बाहर साइन बोर्ड लगा है, जिसमें पर्यटकों को चेतावनी दी गई है कि सूर्यास्त के बाद भानगढ़ किले में ठहरना खतरे से खाली नहीं है। इस किले के बारे में कई अनसुलझे रहस्य हैं। हालांकि, जानकारों में अनसुलझे रहस्यों को लेकर मतभेद हैं। इसके लिए भानगढ़ किले के बारे में कई कहानियां सुनी और पढ़ी जाती हैं। अगर आप भी एडवेंचर ट्रिप के लिए भानगढ़ किला जाना चाहते हैं, तो जाने से पहले ये रहस्यमयी बातें जरूर जान लें -

काल्पनिक गतिविध

जब कभी आप भानगढ़ जाते हैं, तो खूबसूरत किले का दीदार कर सकते हैं। हालांकि, कई लोगों का कहना है कि भानगढ़ किले में काल्पनिक और डरावनी हरकते होती हैं। कई लोगों ने बेचैनी और स्ट्रेस की शिकायत की है। कई लोगों ने डरावनी हरकतों को भी नोटिस किया है। इसके लिए भानगढ़ किले में लोग महज कुछ मिनटों के लिए रुकते हैं।

सूर्यास्त के बाद रुकने की है मनाही

प्रशासन द्वारा भानगढ़ किले में सूर्यास्त के बाद रुकने की मनाही है। Archaeological Survey of India (ASI) की तरफ से सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले रुकने पर पाबंदी के लिए साइन बोर्ड भी लगाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कोई किसी तरह से भानगढ़ के किले में सूर्यास्त के बाद प्रवेश कर जाता है, तो वह रात की कहानी बताने के लिए नहीं लौटता है। ऐसा माना जाता है कि किले में बुरी आत्माएं भटकती हैं।

क्या है शाप

इतिहासकारों की मानें तो गुरु बालू नाथ नामक सन्यासी के शाप के चलते खूबसूरत भानगढ़ आज भूतों की हवेली बन गई है। भानगढ़ किले पर पूर्व में गुरु बालू ध्यान करते थे। तत्कालीन राजा भानगढ़ में किला बनाना चाहता था। सन्यासी बालू नाथ ने एक शर्त पर किला बनाने की अनुमति दे दी। उनका शर्त यह था कि किला की छाया उन पर न पड़े। हालांकि, ऐसा हो न सका। उस समय साधु बालू नाथ ने भानगढ़ को शाप दे दिया कि यह किला भूतों की हवेली बन जाएगी।

शाप का बुरा असर

यह बेहद दिलचस्प है कि भानगढ़ किले के आसपास इलाकों में किसी भी घर के ऊपर छत नहीं है। अगर कोई छत डालता है, तो वह गिर जाता है। इसके चलते लोग अपने घरों पर छत नहीं डलवाते हैं। वहीं, भानगढ़ किले में रुकने वाले के साथ कोई हादसा जरूर होता है। इसके लिए जब कभी भानगढ़ जाएं, तो बाहर से ही किले की खूबसूरती का दीदार करें।

डिस्क्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।

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