बच्चों की अनावश्यक ऑनलाइन ऐक्टिविटीज़ को कंट्रोल करने के लिए इस ऐप की लें मदद

कोविड के मामले भले ही घट रहे हैं लेकिन एहतियात के तौर पर प्राइमरी कक्षाओं के लिए अब भी ऑनलाइन क्लासेज़ चल रही हैं। ऐसे में बच्चों का स्क्रीन टाइम बढ़ता जा रहा है। उनकी ऑनलाइन सुरक्षा के लिए पेरेंट्स को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए जानें यहां।

Priyanka SinghWed, 01 Dec 2021 08:00 AM (IST)
फोन में कुछ देखते हुए छोटे बच्चे

आज के दौर में केवल बड़े ही नहीं, बल्कि बच्चे भी ऑनलाइन क्लासेज़ के लिए मोबाइल और लैपटॉप पर निर्भर हैं। उस दौरान चार-पांच घंटे तक बच्चों के साथ बैठे रहना हर अभिभावक के लिए संभव नहीं हो पाता। इसलिए पेरेंट्स इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि बच्चे पढ़ाई के बहाने कहीं इस सुविधा का दुरुपयोग तो नहीं कर रहे? तो इस पर नज़र बनाए रखने के लिए यहां दिए गए एप्स पेरेंट्स के लिए साबित हो सकते हैं मददगार।

गूगल फैमिली लिंक एप

अगर पेरेंट्स चाहें तो अपने बच्चों के लिए स्मार्टफोन और पीसी को सुरक्षित बना सकते हैं। इसके लिए इसके लिए गूगल फैमिली लिंक एप एक आसान तरीका है। यह पेरेंटल कंट्रोल एप है, जो ऑनलाइन क्लासेज़ के दौरान बच्चों की अन्य गतिविधियों को नियंत्रित करने की सुविधा देता है। इसकी मदद से बच्चों की इन गतिविधियों को स्मार्टफोन पर नियंत्रित किया जा सकता है।

एप ऐक्टिविटीज़ पर नज़र: अगर बच्चे ऑनलाइन क्लासेज़ के लिए ज़ूम, माइक्रोसॉफ्ट टीम्स, वेबएक्स, गूगल मीट आदि जैसे एप्स के बजाय मोबाइल पर किसी अन्य गतिविधि में सक्रिय रहते हैं, तो फिर दूर से भी बच्चों की इंटरनेट गतिविधियों पर नज़र रखी जा सकती है और उन्हें नियंत्रित करने की सुविधा भी होती है। इसकी मदद से बच्चे अपनी डिवाइस पर क्या कर रहे हैं, उसे पूरी तरह से नियंत्रित किया जा सकता है। इससे अभिभावक यह भी पता लगा सकते हैं कि किस एप पर बच्चे कितना समय बिता रहे हैं।

एप्स को मैनेज करने की सुविधा: पिछले दिनों इस तरह की खबरें सामने आईं कि माता-पिता के मोबाइल का इस्तेमाल करने वाले कुछ बच्चों ने ऑनलाइन शॉपिंग या फिर गेम्स पर पैसे खर्च कर दिए। वे कई बार गूगल प्ले स्टोर से कोई एप डाउनलोड कर लेते हैं। फैमिली लिंक एप की मदद से बच्चों की इन गतिविधियों को रोका जा सकता है। जैसे ही बच्चा कोई एप डाउनलोड करता है या फिर कुछ खरीदने की कोशिश करता है तो उसके पेरेंट्स के फोन पर तुरंत नोटिफिकेशन आता है, जिसमें उनसे इस बात की अनुमति ली जाती है कि अमुक एप को अप्रूव करना है या फिर उसे ब्लाक करना है?

सेट करें टाइम लिमिट: आजकल बच्चों का स्क्रीन टाइम बढ़ता जा रहा है। फैमिली लिंक एप की मदद से पेरेंट्स उनकी डिवाइस पर टाइम लिमिट सेट कर सकते हैं या फिर किस एप के साथ बच्चे को कितना समय बिताना है, यह भी निर्धारित किया जा सकता है।

डिवाइस को करें लॉक: अगर आपके बच्चे ऑनलाइन क्लासेज के बाद फोन का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं, तो पेरेंट्स इस एप द्वारा दूर से ही डिवाइस को लॉक कर सकते हैं।

बच्चे को करें लोकेट: अगर आपके बच्चे घर से कहीं दूर यानी ट्यूशन आदि के लिए जाते हैं और उनके पास एंड्रॉयड डिवाइस है, तो उनकी लोकेशन पर भी नज़र रखी जा सकती है।

ऐसे करें इस इंस्टॉल

इस एप को सेटअप करने के लिए पेरेंट्स को अपनी डिवाइस पर गूगल फैमिली लिंक एप डाउनलोड करना होगा। फिर बच्चों के गूगल एकाउंट को एप में दर्ज करने की ज़रूरत पड़ती है। अगर बच्चों का कोई एकाउंट नहीं है, तो पहले एक गूगल एकाउंट बना लें। फिर उनके फोन या लैपटॉप को अपने डिवाइस से कनेक्ट करें। इस तरह आप एंड्रॉयड मोबाइल पर बच्चों की हर ऐक्टिविटी को नियंत्रित कर सकते हैं। बच्चों की डिवाइस के लिए फैमिली लिंक के अलावा चाइल्ड एंड टीन एप भी डाउनलोड कर सकते हैं। 

Pic credit- pexels

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