How To Increase Productivity At Work: ऑफिस में इस तरह बढ़ाई जा सकती है प्रोडक्टिविटी

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। How To Increase Productivity At Work: आपका ऑफिस एक ऐसी जगह है जहां आप अपनी ज़िंदगी के काफी अहम समय गुज़ारते हैं। 24 घंटों में से 9-10 घंटे यहीं बीतते हैं। दफ्तर में बिताया समय वह होता है जहां आपका दिमाग़ सबसे ज़्यादा सक्रीय होता है और आप प्रोडक्टिव होते हैं। हालांकि, कई बार आप आपको ऑफिर थकाऊ लगने लगता है और वहां पहुंचकर लो महसूस करने लगते हैं। ऐसे में ऑफिस का इंटीरियर एक बड़ी भूमिका बन सकता है। ये एक दफ्तर में काम कर रहे लोगों की प्रोडक्टिविटी को बढ़ाने का काम कर सकता है।  

परफेक्ट लाइटिंग 

एक वर्कप्लेस में अच्छी लाइट बेहद अहम किरदार निभाती है। ज़्यादा या कम रौशनी से आपके मूड पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि इसका खास ख्याल रखने की ज़रूरत होती है। डेस्क के ऊपर या पास लाइट 300-400 लक्स की होनी चाहिए और अगर एलईडी लाइट हो तो और भी बेहतर है। लाइटिंग इस तरह होनी चाहिए कि काम कर रहे लोगों की आंखों पर ज़्यादा ज़ोर न पड़े। सही लाइटिंग से ये फर्क पड़ता है कि एक इंसान बिना आंखों पर ज़ोर दिए ज़्यादा देर तक काम कर सकता है। 

फर्श की सफाई 

ऑफिस का फर्श साफ होने के साथ सुरक्षित होना भी ज़रूरी है। फर्श या तो खुर्दुरा होता है या फिर फिसलन वाला। इस बात का खास ध्यान रखा जाना चाहिए कि फर्श थर्मल प्रतिरोधी और ज्वलनशील हो, साथ ही फर्श ऑफिस में होने वाले शोर को भी सोख लेने में सक्षम हो ताकि काम ज़्यादा बेहतर तरीके से हो सके। इसके अलावा इसे साफ करना आसान हो और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए, फर्श में कम कार्बन फुटप्रिंट होना चाहिए।

रंगों का सही मिलन 

रंग न सिर्फ मूड पर सीधा असर करते हैं बल्कि ऑफिस के माहौल, प्रोडक्टिविटी और व्यवहार पर भी असर करते हैं। ऑफिस के लिए दीवारों और फर्नीचर के लिए हमेशा हल्के रंगों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए, जैसे नीला, सफेद, हल्का हरा, हल्का पीला आदि।

आरामदायक फर्नीचर

ज़्यादा प्रोडक्टिविटी के लिए ऐसे फर्नीचर को प्राथमिक्ता देनी चाहिए जो आरामदायक हो। जिस टेबल पर काम करना है वह अच्छे साइज़ की होनी चाहिए। टेबल पर कंप्यूटर/लैपटॉप, स्टेशनरी आदि रखने की पर्याप्त जगह होनी चाहिए। 4 फीट बाय 2 फीट की टेबल प्रोडक्टिविटी को बढ़ाने के लिए सबसे सही मानी जाती है।

चलने की खुली जगह

ऑफिस के अंदर चलने और खड़े होने के लिए खुली जगह ज़रूर होनी चाहिए। कोरिडोर, बालकनी, और बाकी खुली जगह का साइज़ अच्छा बड़ा होना सबसे ज़रूरी होता है। इसकी वजह यह है कि कोरिडोर और खुली जगह की वजह से वेंटिलेशन अच्छा होता है। साथ ही आपातकाल के समय में कोई दिक्कत नहीं आएगी। खुली जगह से ऑफिस में काम कर रहे कर्मचारियों को भी अच्छा महसूस होता है। जिसका असर सीधा प्रोडक्टिविटी पर पड़ता है। 

1952 से 2019 तक इन राज्यों के विधानसभा चुनाव की हर जानकारी के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.