Subhash Chandra Bose Jayanti 2021: जीवन जीने की वजह बताते हैं, नेता जी सुभाष चंद्र बोस के ये 10 अनमोल विचार

“सफलता, हमेशा असफलता के स्तम्भ पर खड़ी होती हैं।”

Subhash Chandra Bose Jayanti 2021 नेताजी का जन्म 23 जनवरी 1897 को ओडिशा के कटक में हुआ था। देश की आजादी में उनका अहम योगदान रहा है। उन्होंने अपने विचारों से देश और दुनिया के लोगों को प्रभावित किया। खासकर युवाओं के लिए नेताजी प्रेरणास्त्रोत हैं।

Umanath SinghSat, 23 Jan 2021 10:55 AM (IST)

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Subhash Chandra Bose Jayanti 2021: आज देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनके जन्मदिन पर याद कर रहा है। नेताजी का जन्म 23 जनवरी, 1897 को ओडिशा के कटक में हुआ था। देश की आजादी में उनका अहम योगदान रहा है। उन्होंने अपने विचारों से देश और दुनिया के लोगों को प्रभावित किया। खासकर युवाओं के लिए नेताजी प्रेरणास्त्रोत हैं। आज भी उनके विचार युवाओं के लिए प्रासंगिक और विचारणीय हैं। उन्होंने युवाओं को संघर्ष और कर्म कर जीवन में बदलाव करने की सलाह दी है। उनका मानना था कि बदलाव महज चर्चाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए कर्मशील होना जरूरी है। उनके विचारों को श्रवण और धारण करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आइए, नेताजी के जन्मदिवस पर उन अनमोल वचनों को जानते हैं, जिन्हें जानकर जीने की नई राह मिलती है-

1.

“तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा।

2.

“सफलता, हमेशा असफलता के स्तम्भ पर खड़ी होती हैं।”

3.

“उच्च विचारों से हमेशा कमजोरी दूर होती है हमेशा उच्च विचार रखने चाहिए।”

4.

“मुझमे जन्मजात प्रतिभा तो नहीं थी ,परन्तु कठोर परिश्रम से बचने की प्रवृति मुझमे कभी नहीं रही !”

5.

“अगर संघर्ष न रहे ,किसी भी भय का सामना न करना पड़े ,तब जीवन का आधा स्वाद ही समाप्त हो जाता है!”

6.

“हमें केवल कार्य करने का अधिकार है ! कर्म ही हमारा कर्तव्य है ! कर्म के फल का स्वामी वह (भगवान ) है ,हम नहीं !”

7.

“एक व्यक्ति एक विचार के लिए मर सकता है, लेकिन वह विचार उसकी मृत्यु के बाद, एक हजार जीवन में खुद को अवतार लेगा।”

8.

“मुझे ये देखकर बहुत दुःख होता है कि मनुष्य – जीवन पाकर भी उसका अर्थ समझ नहीं पाया है। यदि आप अपनी मंजिल पर ही पंहुच नहीं पाए, तो हमारें इस जीवन का क्या मतलब।”

9.

“मेरे जीवन के अनुभवों में एक यह भी है ! मुझे आशा है की कोई-न-कोई किरण उबार लेती है और जीवन से दूर भटकने नहीं देती !”

10.

“जिस व्यक्ति में सनक नहीं होती ,वह कभी भी महान नहीं बन सकता ! परन्तु सभी पागल व्यक्ति महान नहीं बन जाते ! क्योंकि सभी पागल व्यक्ति प्रतिभाशाली नहीं होते ! आखिर क्यों ? कारण यह है की केवल पागलपन ही काफी नहीं है ! इसके अतिरिक्त कुछ और भी आवश्यक है !”

 

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