जानें अंतराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस के इतिहास, महत्व के साथ अन्य जरूरी बातें

अंतराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 17 दिसंबर 1999 को एकमत से हर साल 25 नवंबर का दिन महिलाओं के खिलाफ अंतराष्ट्रीय हिंसा उन्मूलन दिवस के रूप में मनाया जाता है। जानेंगे इस दिन के इतिहास से जुड़ी जरूरी महत्वपूर्ण बातों के बारे में।

Priyanka SinghThu, 25 Nov 2021 10:28 AM (IST)
रोती हुए महिला का मुंह दबाए हुए तस्वीर

दुनियाभर में हर साल 25 नवंबर को महिलाओं पर होने वाली हिंसा को रोकने के लिए अंतराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस मनाया जाता है। इस दिन महिलाओं के विरुद्ध हिंसा को रोकने के ज्यादा से ज्यादा प्रयास करने की आवश्यकता को रेखांकित करने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

अंतराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस का इतिहास

पैट्रिया मर्सिडीज मिराबैल, मारिया अर्जेंटीना मिनेर्वा मिराबैल और एंटोनिया मारिया टेरेसा मिराबैल द्वारा डोमिनिक शासक रैफेल टुजिलो की तानाशाही का कड़ा विरोध किए जाने पर उस क्रूर शासक के आदेश पर 25 नवंबर 1960 को उन तीनों बहनों की हत्या कर दी गई थी। साल 1981 से उस दिन को महिला अधिकारों के समर्थक और कार्यकर्ता उन्हीं तीनों बहनों की मृत्यु की पुण्यतिथि के रूप में मनाते आए हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 17 दिसंबर 1999 को एकमत से हर साल 25 नवंबर का दिन ही महिलाओं के खिलाफ अंतराष्ट्रीय हिंसा उन्मूलन दिवस के रूप में मनाने के लिए निर्धारित किया गया।

महिला अपराध पर जारी NCRB के आंकड़े

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूटी ने मुताबिक साल 2020 में कोरोना महामारी के कारण राष्ट्रीय तालाबंदी के महीनों के रूप में चिन्हित एक साल में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ पारंपरिक अपराधों में कमी आई लेकिन देश में अपराध के मामले 28 प्रतिशत बढ़ गए। हालांकि लॉकडाउन के बाद महिलाओं और बच्चों के खिलाफ आपराधिक मामलों में तेजी आई है। 

एनसीआरबी (NCRB) के अनुसार देशभर में 2020 में यौन शोषण के रोजाना औसतन 77 मामले दर्ज किए गए और कुल 28,046 मामले सामने आए। दुनियाभर में पूरे देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 3,71, 503 मामले दर्ज किए गए, जो 2019 में 4,05,326 और 2018 में 3,78,236 थे।

वर्क फ्रॉम होम में भी नहीं थमे अपराध के मामले

एनसीआरबी के अनुसार देश की राजधानी दिल्ली में 2020 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 10,093 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2019 में ऐसे 13,395 मामले सामने आए थे यानी 2019 की तुलना में 2020 में महिलाओं के खिलाफ 24.65 फीसदी अपराध कम हुए। कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के कारण जब देश की अधिकांश आबादी अपने घरों में थी, स्कूल-कॉलेज बंद थे, वर्क फ्रॉम होम चल रहा था, ऐसे में भी 2020 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 10,093 मामले सामने आना कम चिंताजनक नहीं है। 2020 में दिल्ली में महिलाओं के अपहरण के 2,938 यौन शोषण के प्रयास के 9 और यौन शोषण या सामूहिक यौन शोषण के बाद हत्या का एक मामला दर्ज किया गया। इस दौरान देशभर में साइबर अपराध 2019 के मुकाबले 11.8 फीसदी बढ़ा है।

Pic credit- pexels

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.