Fact Check By Vishvas News: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ईंधन-वृद्धि पर नहीं दिया यह बयान और ऐसी ही अन्य फर्जी वायरल पोस्ट

Fact Check By Vishvas News केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नाम से एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। पोस्ट को खबर के रूप में दर्शाया गया है और इसके एक मराठी अखबार में छपे होने का दावा किया जा रहा है।

Ruhee ParvezWed, 23 Jun 2021 04:17 PM (IST)
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ईंधन-वृद्धि पर नहीं दिया यह बयान

नई दिल्ली। जागरण की वेबसाइट 'विश्वास न्यूज़' की फैक्ट चेक टीम हर दिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं ख़बरों का सच हमारे रीडर्स के लिए सामने लाने का प्रयास करती है। पेश हैं मंगलवार की ऐसी ही टॉप 3 ख़बरें।

Fact Check: यौन उत्पीड़न के सभी दोषियों को फांसी देने का अध्यादेश पास होने का वायरल दावा झूठा

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि मोदी सरकार ने सभी रेपिस्ट को फांसी देने का अध्यादेश पास कर दिया है। दावे के मुताबिक, राष्ट्रपति ने भी अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। विश्वास न्यूज की पड़ताल में ये दावा झूठा निकला है। सभी रेपिस्ट्स को फांसी देने से जुड़ा ऐसा कोई अध्यादेश पास नहीं किया गया है। एक्सपर्ट्स और मौजूदा कानून के मुताबिक, यौन उत्पीड़न के रेयरेस्ट ऑफ द रेयर मामलों या 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से यौन उत्पीड़न के मामलों में ही मौत की सजा का प्रावधान है। पूरी ख़ूबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Fact Check: एक कंपनी द्वारा किए गए अंडर वाटर धमाके को आकाश से गिरी बिजली बता कर किया जा रहा है वायरल

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें एक नहर में एक धमाके को होते देखा जा सकता है। पोस्ट के साथ दावा किया जा रहा है कि यह नदी में आकाशीय बिजली गिरने का वीडियो है। विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में दावे को फर्जी पाया। असल में यह कोई आकाशीय बिजली नहीं, बल्कि एक कंट्रोल्ड धमाका था। पूरी ख़ूबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Fact Check: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ईंधन-वृद्धि पर नहीं दिया यह बयान

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नाम से एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। पोस्ट को खबर के रूप में दर्शाया गया है और इसके एक मराठी अखबार में छपे होने का दावा किया जा रहा है। पोस्ट में दावा किया गया है कि नितिन गडकरी ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के विकल्प के रूप में डाउनहिल सड़कों के निर्माण का सुझाव दिया था।विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में खबर को फर्जी पाया। पूरी ख़ूबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Vishvas News जागरण न्यू मीडिया का एक आईएफसीएन सर्टिफाइड (IFCN Certified) फैक्ट चेकिंग ग्रुप है।

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