Fact Check By Vishvas News: कोविड-19 और 5जी कनेक्शन की कॉन्सपिरेसी थ्योरी का दावा गलत और ऐसी ही अन्य वायरल खबरों का सच

Fact Check By Vishvas News जागरण की वेबसाइट विश्वास न्यूज़ की फैक्ट चेक टीम हर दिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं ख़बरों का सच हमारे रीडर्स के लिए सामने लाने का प्रयास करती है। पेश हैं शुक्रवार की ऐसी ही टॉप 5 ख़बरें।

Ruhee ParvezSat, 12 Jun 2021 03:04 PM (IST)
कोविड-19 और 5जी कनेक्शन की कॉन्सपिरेसी थ्योरी का दावा गलत और ऐसी ही अन्य वायरल खबरों का सच

नई दिल्ली। जागरण की वेबसाइट 'विश्वास न्यूज़' की फैक्ट चेक टीम हर दिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं ख़बरों का सच हमारे रीडर्स के लिए सामने लाने का प्रयास करती है। पेश हैं शुक्रवार की ऐसी ही टॉप 5 ख़बरें।

Fact Check: फर्जी है सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा कनाडा की कंपनी का आकर्षक जॉब ऑफर

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसके जरिए दावा किया जा रहा है कि कनाडा की कंपनी एकियोना एनर्जी कंपनी में चार साल के लिए टेम्पररी वर्क परमिट व आकर्षक पर्क्स के साथ जॉब ऑफर की जा रही है। लोगों से दिए गए वॉट्सऐप नंबर पर अपना सीवी शेयर करने को कहा जा रहा है। विश्वास न्यूज ने पड़ताल में पाया कि वायरल पोस्ट में किया गया दावा गलत है। दरअसल, एकियोना एनर्जी कंपनी ने वायरल पोस्ट में बताई गई तमाम सहूलियतों के साथ कोई वैकेंसी नहीं निकाली है। कंपनी ने यह भी कहा कि इसमें दिया गया वॉट्सऐप नंबर उनके किसी कर्मचारी का नहीं है। पूरी ख़ूबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Fact Check: कोरोना और 5जी से जुड़ी कॉन्सपिरेसी थ्योरी का खुलासा करने के लिए बनाया गया वीडियो गलत दावे से हो रहा वायरल

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक शख्स किसी टावर के सामने खड़ा है और उसके हाथों में इलेक्ट्रॉनिक सर्किट जैसा कुछ दिख रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह शख्स 5जी टावर पर काम करने वाला एक लेबर है, जो टेक्निकल खराबी को ठीक कर रहा था। दावे के मुताबिक टावर में लगी एक प्लेट को खोलकर नहीं देखने का निर्देश था, लेकिन वर्कर ने इसे खोलकर देखा तो कोविड-19 की चिप नजर आई। विश्वास न्यूज की पड़ताल में इस वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत निकला है। इस वीडियो के माध्यम से कोविड-19 और 5जी कनेक्शन से जुड़ी कॉन्सपिरेसी थ्योरी को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

हमारी पड़ताल में पता चला है कि हकीकत में यह वीडियो ब्रिटिश व्यंग्यकार, पत्रकार हेडन प्रोज ने बनाया है। असल में वह इस वीडियो के माध्यम से यह दिखाना चाहते थे कि कोरोना और 5जी से जुड़ी कॉन्सपिरेसी थ्योरी को फैलाना कितना आसान है। अब इसी वीडियो को गलत दावे से वायरल किया जा रहा है। पूरी ख़ूबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Fact Check : गोंडा के डीएम के कंधे पर हाथ रखने वाला शख्‍स मजिस्‍ट्रेट नहीं था, पोस्‍ट भ्रामक है

सोशल मीडिया में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक शख्‍स को गोंडा के जिलाधिकारी के कंधे पर हाथ रखते हुए देखा जा सकता है, जिसके बाद डीएम उस शख्‍स को फटकार लगाते हैं। यूजर्स का दावा है कि डीएम के कंधे पर हाथ रखने वाले शख्‍स चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट थे। विश्‍वास न्‍यूज की जांच में वायरल पोस्‍ट भ्रामक साबित हुई। हमारी पड़ताल में पता चला कि डीएम के कंधे पर हाथ रखने वाला शख्‍स को मजिस्ट्रेट नहीं, बल्कि एक चीनी मिल का प्रबंधक था। पूरी ख़ूबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Fact Check: गाय पर टैक्‍टर चढ़ाने की इस घटना में नहीं था कोई सांप्रदायिक एंगल; वायरल दावा फर्जी है

सोशल मीडिया पर आज कल एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक ट्रेक्टर को एक गाय को कुचलते देखा जा सकता है। पोस्ट के साथ दावा किया जा रहा है कि गाय को कुचलता ट्रेक्टर चालक एक समुदाय विशेष से है। क्लेम के जरिए इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि ये दावा गलत है। ट्रेक्टर चलाने वाले व्यक्ति का नाम ईश्वर ध्रुव था। मामले में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं था। पूरी ख़ूबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Fact Check: केरल के विधायक की कार पर लगे झंडे को लेकर किया जा रहा दावा गलत है

सोशल मीडिया पर अब एक हरे रंग की मर्सडीज बेंज कार की तस्वीर वायरल हो रही है, तस्वीर में कार के बोनट पर हरे रंग का झंडा नजर आता है, जिस पर चांद और तारा बना हुआ है। दावा किया जा रहा है कि यह कार केरल के मुस्लिम लीग एमएलए नेल्लिकुन्नु अब्दुल कादर अहमद कुंजी की है और यह झंडा पाकिस्तान का है। विश्वास न्यूज ने पड़ताल में पाया कि वायरल पोस्ट में किया गया दावा गलत है। दरअसल कार के आगे लगा झंडा पाकिस्तान का नहीं, बल्कि केरल की पॉलिटिकल पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग का है और यह तस्वीर साल 2016 से इंटरनेट पर वायरल है। पूरी ख़ूबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Vishvas News जागरण न्यू मीडिया का एक आईएफसीएन सर्टिफाइड (IFCN Certified) फैक्ट चेकिंग ग्रुप है।

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