Fact Check By Vishvas News: UPSC क्लीयर न कर पाने की बेबुनियाद कहानी और ऐसी ही अन्य वायरल पोस्ट का सच

Fact Check By Vishvas News सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें एक युवक हाथ में फाइल लिए रोता हुआ नजर आ रहा है। इस तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि इस युवक का नाम राजेश तिवारी है।

Ruhee ParvezTue, 08 Jun 2021 03:26 PM (IST)
UPSC क्लीयर न कर पाने की बेबुनियाद कहानी और ऐसी ही अन्य वायरल पोस्ट का सच

नई दिल्ली। जागरण की वेबसाइट 'विश्वास न्यूज़' की फैक्ट चेक टीम रोज़ाना सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ग़लत ख़बरों का सच हमारे रीडर्स के लिए सामने का प्रयास करती है। पेश हैं सोमवार की ऐसी ही टॉप 6 ख़बरें।

Fact Check: इस वायरल तस्वीर के साथ यूपीएससी क्लीयर न कर पाने की कहानी है बेबुनियाद

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें एक युवक हाथ में फाइल लिए रोता हुआ नजर आ रहा है। इस तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि इस युवक का नाम राजेश तिवारी है। 29 साल का राजेश उत्तर प्रदेश के लखनऊ का रहने वाला है और यूएपीएससी परीक्षा में 643 अंक पाने के बावजूद वह इस परीक्षा को क्लीयर नहीं कर सका, क्योंकि इस साल यूपीएससी की जनरल कैटेगरी का कटऑफ 689 रहा है। विश्वास न्यूज ने पड़ताल में पाया कि वायरल तस्वीर के साथ किया गया दावा गलत है। पूरी ख़ूबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Fact Check: नेशनल जियोग्राफिक ने आकाशगंगा (मिल्की वे) को लेकर नहीं किया यह ट्वीट, अल्टर कर तैयार किया गया वायरल ट्वीट

सोशल मीडिया पर एक ट्वीट का स्क्रीनशॉट वायरल किया जा रहा है। इसमें यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि नेशनल जियोग्राफिक चैनल ने आकाशगंगा (मिल्की वे) को लेकर ट्वीट किया। इस कथित ट्वीट में लिखा है, ‘चमकीली, सफेद और एक सफेद चीज दूध से जुड़ी। क्या इसी तरह हमारी आकाशगंगा का नाम रखा गया, नस्लवादी?’ विश्वास न्यूज की पड़ताल में पोस्ट का दावा झूठा निकला है। नेशनल जियोग्राफिक ने आकाशगंगा को लेकर यह ट्वीट नहीं किया है। इस पोस्ट को दूसरे असंबद्ध ट्वीट को अल्टर कर तैयार किया गया है। पूरी ख़ूबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Fact Check: अमरोहा में बीजेपी नेता से हुई हाथापाई की पुरानी तस्वीरें गलत दावे से की जा रहीं वायरल

सोशल मीडिया पर एक शख्स के साथ हाथापाई की कुछ तस्वीरें शेयर की जा रही हैं। सोशल मीडिया यूजर्स दावा कर रहे हैं कि अमरोहा बीजेपी विधायक के साथ महिलाओं ने मारपीट की है और उनके कपड़े फाड़ दिए हैं। विश्वास न्यूज की पड़ताल में ये दावा झूठा निकला है। 2018 में अमरोहा के स्थानीय बीजेपी नेता संग हुई हाथापाई की घटना को झूठे दावे से शेयर किया जा रहा है। अमरोहा विधानसभा से फिलहाल बीजेपी के नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी के विधायक महबूब अली हैं। पूरी ख़ूबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Quick Fact Check : राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के पुराने वीडियो को गलत संदर्भ में किया जा रहा वायरल

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के एक पुराने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। इस भ्रामक दावे के अनुसार, अशोक गहलोत जुम्मे की नमाज पढ़कर बाहर निकल रहे हैं। हमारी पड़ताल में ये दावा पूरी तरह गलत पाया गया है। विश्वास न्यूज़ ने पहले भी इस वीडियो की पड़ताल करके खबर पब्लिश की थी। हमने पड़ताल में पाया था कि ये वीडियो दो साल पुराना है। ये वीडियो 2019 का है, जब राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत डूंगरपुर जिले के एक दरगाह में गए थे। पूरी ख़ूबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Fact Check: वायरल वीडियो में महिला को गलत तरीके से छूने वाले व्यक्ति नहीं हैं अजरबैजान के राष्ट्रपति

सोशल मीडिया पर आजकल एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति को एक महिला को गलत तरीके से छूते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में मौजूद व्यक्ति एक ऑफिस में बैठा दिखता है, जिसके पीछे एक महिला आती है और कुछ फाइलें रखने लगती है, जिसके बाद यह व्यक्ति उस महिला को गलत तरीके से छूता है। मगर यह अहसास होने पर कि वो ऑनलाइन लाइव मीटिंग में है, वो अपना हाथ हटा लेता है। इस पोस्ट के साथ दावा किया जा रहा है कि वीडियो में मौजूद व्यक्ति अजरबैजान के राष्ट्रपति हैं। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि इस वीडियो में दिख रहा व्यक्ति अजरबैजान का एक सांसद था, जिसे इस घटना के बाद बर्खास्त कर दिया गया। यह व्यक्ति अजरबैजान का राष्ट्रपति नहीं है। पूरी ख़ूबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Fact Check: जून 7, 2021 को वायरल हो रही हॉलिवुड एक्टर रोवन एटकिंसन की मौत की खबर निकली अफवाह

मशहूर सीरियल मिस्टर बीन में मुख्य भूमिका निभाने वाले हॉलीवुड एक्टर रोवन एटकिंसन की मौत की अफवाह सोशल मीडिया पर काफी वायरल है। विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में पता चला कि हॉलीवुड एक्टर रोवन एटकिंसन जीवित और सकुशल हैं। एटकिंसन की पीआर मैनेजर ने भी उनके जीवित होने की पुष्टि की है और वायरल पोस्ट को फर्जी बताया है। पूरी ख़ूबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Vishvas News जागरण न्यू मीडिया का एक आईएफसीएन सर्टिफाइड (IFCN Certified) फैक्ट चेकिंग ग्रुप है।

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