High Uric Acid Level: उम्र बढ़ने के साथ बॉडी में बढ़ सकता है यूरिक एसिड का स्तर, एक्सपर्ट से जानिए लक्षण और उपचार

क्या आपके पैरों की उंगलियों में दर्द या फिर पैर के अंगूठे में दर्द और सूजन महसूस हो रही हैं? एड़ियों और घुटनों के दर्द से परेशान है तो संभल जाइए यह यूरिक एसिड बढ़ने के संकेत है। यूरिक एसिड लाइफस्टाइल और खान-पान की वजह से पनपती है।

Shahina NoorFri, 17 Sep 2021 04:29 PM (IST)
पैरों की उंगलियों, अंगूठे और एड़ियों में दर्द है तो यह यूरिक एसिड बढ़ने के संकेत हैं।

नई दिल्ली, शाहीना नूर। उम्र बढ़ने के साथ ही बॉडी में तरह-तरह के बदलाव आने लगते है। हमारा लाइफस्टाइल ऐसा हो गया है कि हम ना समय पर सोते हैं ना समय पर खाते हैं और ना ही बॉडी के लिए कोई कसरत या वर्कआउट करते हैं जिसका नतीजा है कि हमें सौगात में कई तरह की बीमारियां मिलती है। 30-40 साल की उम्र के बीच बॉडी में कई तरह के बदलाव आते है, इस उम्र में हमारा लाइफस्टाइल और डाइट ठीक नहीं रहे तो कई बीमारियां हमें परेशान करने लगती हैं। यूरिक एसिड का बढ़ना भी एक ऐसी ही बीमारी है जो हमारे खान-पान की वजह से पनपती है।

क्या आपको भी जोड़ों का दर्द सताता है? क्या आपके पैरों की उंगलियों में दर्द या फिर पैर के अंगूठे में दर्द और सूजन महसूस हो रही हैं? एड़ियों और घुटनों के दर्द से परेशान है तो संभल जाइए यह यूरिक एसिड बढ़ने के संकेत है। यूरिक एसिड का बढ़ना भी एक ऐसी बीमारी है जो हमारे लाइफस्टाइल और खान-पान की वजह से पनपती है। यह बीमारी शुगर और ब्लड प्रेशर की बीमारी का कारण बन सकती है। 

अब सवाल यह उठता है कि बॉडी में यूरिक एसिड बढ़ रहा है तो इसके लक्षणों को कैसे पहचाने? यूरिक एसिड की समस्या को बेहतर तरीके से समझने के लिए हम बात करते हैं दिल्ली के सेंट स्टीफन अस्पताल के एमबीबीएस एमडी मेडिसिन के डॉक्टर शैलेंद्र कुमार से कि यूरिक एसिड क्या है और किन लोगों को इससे ज्यादा परेशानी हो सकती है।

यूरिक एसिड क्या है और कैसे बनता है?

यूरिक एसिड शरीर में मौजूद प्यूरीन नामक प्रोटीन के टूटने से बनता है। शरीर में पहले से ही यूरिक एसिड की कुछ मात्रा होती है, जो 3.5 से 7.2 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर तक हो सकती है, अगर बॉडी में इससे ज्यादा यूरिक एसिड की मात्रा हो जाए तो इसे हाई यूरिक एसिड की समस्या कहा जाता है।

यूरिक एसिड बढ़ने के कारण:

गलत डाइट या खान-पान यूरिक एसिड बढ़ने की वजह बन सकता है, कई बार यह परेशानी आनुवांशिक भी होती है। कुछ फूड जैसे- रेड मीट, सी फूड, दाल, राजमा, पनीर और चावल खाने से भी यूरिक एसिड बढ़ सकता है। ज्यादा देर भूखे रहते हैं तो आपको यूरिक एसिड की परेशानी हो सकती है। शुगर के मरीज़ों को यह परेशानी ज्यादा हो सकती है।

यूरिक एसिड बढ़ने से कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं।

शरीर में यूरिक एसिड (Uric Acid) बढ़ने से कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं, साथ ही बॉडी के दूसरे अंगों पर बुरा असर पड़ सकता है। यूरिक एसिड का ज्यादातर हिस्सा किडनियों के जरिए फिल्टर हो जाता है जो टॉयलेट के माध्यम से हमारी बॉडी से बाहर निकल जाता है। यूरिक एसिड शरीर में ज्यादा बनने से किडनी फिल्टर नहीं कर पाती और खून में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है। बाद में यह हड्डियों के बीच में जमा हो जाता है और इससे गाउट की समस्या पैदा हो जाती है। यूरिक एसिड की अधिकता की वजह से जोड़ों में दर्द, शरीर में सूजन, किडनी की बीमारी और मोटापा जैसी कई बीमारियां हो सकती है। यूरिक एसिड बढ़ने पर ब्लड प्रेशर, थायराइड और डायबिटीज जैसी घातक बीमारियों का खतरा भी अधिक रहता है।

इस बीमारी से बचाव:

अगर आपकी बॉडी में यूरिक एसिड बढ़ने के कोई संकेत नहीं दिख रहे है तो आप अपनी डाइट ठीक रखें। डाइट से पालक, हरी पत्तेदार सब्जिया, रेड मीट और छिलकों वाली दालों को स्किप करें। बॉडी को हाइड्रेट रखें। ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं। एल्कोहल या बीयर का सेवन करते हैं तो उसे बंद कर दें। यूरिक एसिड का लेवल जानने के लिए टेस्ट जरूर कराएं।  3.5 से 7.2 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर से ज्यादा यूरिक एसिड होने पर डॉक्टर से इलाज कराएं।

 

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